Home पोल्ट्री Poultry के खिलाफ अफवाह फैलाने वालों पर हो रहा है कड़ा एक्शन, सोशल मीडिया पर सोच-समझकर बोलें
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Poultry के खिलाफ अफवाह फैलाने वालों पर हो रहा है कड़ा एक्शन, सोशल मीडिया पर सोच-समझकर बोलें

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पोल्ट्री प्रोडक्ट अंडा और चिकन प्रोटीन से भरपूर है. यहां तक कि अंडा प्रोटीन का सबसे अच्छा और सस्ता सोर्स माना जाता है, लेकिन बावजूद इसके लोग इन प्रोडक्ट को उतना इस्तेमाल नहीं करते जितना करना चाहिए. जानकार कहते हैं कि इसके पीछे सबसे बड़ी वजह इसके खिलाफ फैलाई जाने वाली अफवाहें हैं. क्योंकि चाहे अंडा हो या चिकन दोनों ही के खिलाफ सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरीके से अफवाहें फैलाई जाती हैं. जिसकी वजह से लोग चिकन और अंडे का इस्तेमाल करने से बचते हैं. इसे लेकर पोल्ट्री फार्मर्स रेगुलेटरी कमिटी जैसी संस्थाएं कम कर रही हैं. ताकि इन अफवाहों पर कंट्रोल किया जा सके. ताकि पोल्ट्री इंडस्ट्री को बढ़ावा मिले और लोगों को प्रोटीन से भरपूर पोल्ट्री प्रोडक्ट का स्वाद चखने को मिले. जिससे आम जनता की सेहत में भी सुधार हो.

पिछले साल दिसंबर के आखिरी में पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित एनुअल मीटिंग में अगस्त्य इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष व पोल्ट्री फार्मर्स रेगुलेटरी कमेटी के रामजी राघवन ने बताया था कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती से निपटने के लिए काम किया जा रहा है. उन्होंने जानकारी दी थी कि कई वेबसाइट और यूट्यूब चैनल को बंद भी करवाया गया है. जबकि एक बड़े मीडिया संस्थान को नोटिस भी दिया गया है.

सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर फैलाई जा रहीं अफवाहें
राघवन का कहना है कि चिकन को लेकर नेगेटिव प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है. कोविड-19 के बाद से लोगों को जो भी प्रॉब्लम होती है, जिसे हार्ट की प्रॉब्लम है, लीवर की प्रॉब्लम है तो लोग आसानी से ब्रॉयलर चिकन को ब्लेम कर देते हैं. लोग इसे पंचिंग बैग की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. व्हाट्सएप पर यूट्यूब पर अफवाहें फैलाई जाती हैं, जितने भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म हैं, सभी पर ब्रॉयलर चिकन के खिलाफ आपको वीडियो और पोस्ट मिल जाएंगी. अफवाहों में कहा जाता है कि चिकन को हार्मोन इंजेक्शन लगाया जाता है, चिकन को स्ट्राइड इंजेक्शन दिया जाता है. ये भी दावा किया जाता है कि जो भी सारी दिक्कतें ह्यूमन बॉडी में हो रही हैं, वो चिकन की वजह हैं, जबकि यह सही नहीं है.

लिया जा रहा है सख्त एक्शन
रामजी राघवन ने बताया कि पोल्ट्री फार्मर्स रेगुलेटरी कमेटी के सामने बड़ा चेलेंज था कि डॉक्टरों को कैसे एजुकेट किया जाए, इसको लेकर आईएमए के साथ कई अवेयरनेस प्रोग्राम भी किए गए हैं, ताकि डॉक्टरों को बताया जा सके कि पोल्ट्री प्रोडक्ट में कोई दिक्कत नहीं है. जिससे वे लोगों को सलाह दे सकें कि चिकन सेहत के लिए बेहतर है. उन्होंने बताया कि अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ हमने लीगल एक्शन भी लिया है. जिसमें 15 यूट्यूब चैनल और 12 वेबसाइट के खिलाफ एक्शन लिया है. जिसके बाद उन्हें बंद करा दिया गया है. जबकि एक बड़े संस्थान ने भी अपने अखबार में दो डॉक्टरों के हवाले से खबर प्रकाशित की ब्रॉयल चिकन इंजेक्ट किया जाता है, उन्हें भी नोटिस जारी किया गया है.

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