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Poultry: देसी मुर्गों को ब्रॉयलर फीड देने के फायदे और नुकसान क्या हैं

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प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में ज्यादा फायदा कमाने के लिए चूजों को जल्दी बड़ा करने की जरूरत पड़ती है. तभी जल्दी और ज्यादा मुनाफा मिलता है. यहां हम आपको ऐसा दो तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे आप चूजों को जल्दी-जल्दी बड़ा कर सकते हैं. आप उन्हें ब्रॉयलर फीड खिलाकर भी जल्दी से बड़ा कर सकते हैं. वहीं देसी फीड को भी खिलाकर बड़ा कर सकते हैं. बहुत से पोल्ट्री फार्मर इन दोनों ही तरीके को अपनाकर फायदा कमाते हैं. हालांकि यहां आपको ये भी जान लेना चाहिए कि ब्रॉयलर फीड के फायदे और नुकसान दोनों हैं.

बता दें कि ब्रॉयलर फीड तो अच्छा माना जाता है लेकिन इसका इस्तेमाल बड़े-बड़े फॉर्म में किया जाता है. जिससे मुर्गे 40 से 45 दिन के अंदर अच्छा खासा वजन हासिल कर लेते हैं. फिर इससे मुनाफा कमाया जाता है. आमतौर पर जब आप मार्केट में मीट के लिए मुर्गों को खरीदने हैं तो वो मुर्गे ब्रॉयलर फीड खाकर ही तैयार किए जाते हैं.

यहां पढ़ें डिटेल से फायदे और नुकसान के बारे में

  • पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि अगर देसी मुर्गों को ब्रॉयलर फीड खिलाया जाता है तो उन्हें जल्दी-जल्दी बड़ा तो किया जा सकता है लेकिन हो सकता है कि उनकी टांगें कमजोर हो जाएं.
  • देसी मुर्गों को देसी खुराक खिलाकर तैयार करने पर देसी मुर्गे भले ही बढ़ने में ज्यादा वक्त लेते हैं लेकिन वह पूरी तरह से मजबूत रहते हैं.
  • हमेशा ही बड़े फॉर्म में पाले जा रहे हैं मुर्गों को बार-बार वैक्सीन लगाने की जरूरत होती है. जबकि देसी तरीके से पाले जा रहे मुर्गों में बार-बार वैक्सीन लगाने की जरूरत भी नहीं पड़ती है.
  • अगर देसी मुर्गियों को ब्रॉयलर फीड दिया जाए तो उनका वजन तो जल्दी बढ़ जाता लेकिन वह ज्यादा मजबूत नहीं होते हैं.
  • एक्सपर्ट कहते हैं कि ब्रॉयलर फीड में पोषक तत्वों का अनुपात देसी मुर्गों के लिए उपयुक्त नहीं होता है. जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि हृदय रोग और जोड़ों की समस्या आदि.
  • ब्रॉयलर फीड की कीमत में ज्यादा होती है. जबकि देसी फीड की कीमत ज्यादा नहीं होती है. देसी मुर्गे आनाज वेस्ट और चिकन से निकले वेस्ट आदि को खाकर भी अच्छा वजन हासिल कर लेते हैं. इससे पोल्ट्री फार्मिंग के लागत कम आती है.
  • ब्रॉयलर फीड में प्राकृतिक आहार की कमी होती है. जिससे मुर्गों को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाता है. ब्रॉयलर फीड से मुर्गों में कई बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है.
  • देसी मुर्गों को ब्रॉयलर फीड देने के फायदे और नुकसान दोनों है. यदि आप तेजी ग्रोथ चाहते हैं और उत्पादन चाहते हैं तो ब्रॉयलर फीड अच्छा विकल्प हो सकता है लेकिन मुर्गों के स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहते हैं तो प्राकृतिक आहार देना चाहिए.
Written by
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