Home मीट Meat: डाय​बटीज के मरीज को चिकन-मटन खाना चाहिए या नहीं, जानें एक्सपर्ट क्या कहते हैं
मीट

Meat: डाय​बटीज के मरीज को चिकन-मटन खाना चाहिए या नहीं, जानें एक्सपर्ट क्या कहते हैं

red meat and chicken meat
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. आजकल लोगों में डायबिटीज की बीमारी बहुत आम हो गई है. यह एक विकार है, जिसमें रक्त शर्करा अस्तर असमान्य रूप से बढ़ जाता है. क्योंकि एक व्यक्ति के शरीर में पर्याप्त हार्मोन इंसुलिन का उत्पादन करने में ये असमर्थ होता है. मधुमेह वाले लोगों को अपनी दिनचर्या में स्वस्थ जीवन शैली के साथ-साथ स्वस्थ भोजन की आदतों पर गौर करना चाहिए. डायबिटीज में कम से कम कार्बोहाइड्रेट और सैचुरेटड फैट का सेवन करना बेहतर होता है. कई बार डायबिटीज के मरीज इस बात को लेकर असमंजस में रहते हैं कि डायबिटीज में मटन या चिकन खाना दोनों में से ज्यादा हेल्दी क्या है आईए जानते हैं.

ज्यादा पसंद किया जाता है रेड मीट
विशेषज्ञ कहना है कि डायबिटीज हृदय रोग के मरीजों को रेड मीट का सेवन कम करना चाहिए. क्योंकि इसमें मौजूद सैचुरेटेड फैट दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है. लाल मीट में सूअर का मांस, बकरी और भेड़ का बच्चा शामिल है. बकरी का मटन भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाला रेड मीट है. जब हम मटन कहते हैं तो भारत में इसका मतलब बकरी का मांस होता है. भेड़ का नहीं, रेड मीट लोगों को बहुत पसंद आता है. क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसमें लोहा, जस्ता, फास्फोरस, राइबोफ्लेविन, थायमिन और विटामिन b-12 होते हैं.

डॉक्टरों की ले लेनी चाहिए सलाह
रेड मीट सोडियम और नाइट्राइट इंसुलिन प्रतिरोध और टाइप टू मधुमेह का कारण बनते हैं. इससे शरीर में सूजन भी हो सकती है. जिससे कुछ तरह के कैंसर हो सकते हैं. हालांकि मटन के मामले में यह जोखिम कम हो सकता है. कुछ अध्ययनों के मुताबिक बकरी के मांस में अधिक पोषक तत्व हो सकते हैं. इसमें सोडियम की तुलना में अधिक पोटेशियम होता है और इसलिए मधुमेह और उच्च रक्तचाप वालों के लिए यह एक बेहतर विकल्प हो सकता है. हालांकि ब्लड शुगर की समस्या है तो खाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए.

हो सकता है हेल्दी ऑप्शन
एक रिसर्च से पता चला है कि चिकन में ग्लाइसेमिक इंडेक्स वैल्यू कम होता है. माना जाता है कि चिकन के सेवन ब्लड शुगर लेवल भी नहीं बढ़ता. चिकन प्रोटीन से भरपूर और वसा में कम और आयरन कैल्शियम फास्फोरस जैसे खनिजों और बी और डी जैसे विटामिनों से भरपूर होता है. इसलिए चिकन की बात करें तो मधुमेह वालों के लिए चिकन एक बढ़िया विकल्प बन सकता है. चिकन प्रोटीन का एक हाईसोर्स है. जिसमें वास की मात्रा कम होती है. यदि कोई भी व्यक्ति चिकन को हेल्दी तरीके से पकाकर खाता है. तो एक हेल्दी ऑप्शन हो सकता है.

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

livestock animal news
मीट

Meat: मछली खाने से कम होता है हार्ट अटैक का खतरा, कई और भी फायदे हैं

मछली का सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता...

rohu fish
मीट

Meat: थाली में क्यों शामिल करना चाहिए मछली, पढ़ें इसको खाने के फायदे

पशुपालन और डेयरी के क्षेत्र में भी संकर प्रजातियों ने श्वेत क्रान्ति...

red meat and chicken meat
मीट

Meat: जानें 10 साल में कितना बढ़ा देश में मीट उत्पादन, यहां पढ़ें पशुवार डिटेल

वहीं देश में अलग-अलग मीट के उत्पादन की हिस्सेदारी की बात की...

fish meat benefits
मीट

Fish: हर दिन मछली खाने से फायदा है या नुकसान, यहां क्लिक करके जानें

आपको एक काम जरुर कर लेना चाहिए कि हर रोज मछली खाने...