नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए कई काम कर रही है. सीएम मोहन यादव ने कहा कि उत्पादन में तेजी लाकर वर्ष 2028 तक मप्र को मिल्क कैपिटल बनाएंगे. उन्होंने बताया कि वो गाय के पालन को भी बढ़ावा देने चाहते हैं, जो राज्य को मिल्क कैपिटल को बनाने की कड़ी में एक अहम काम साबित होगा. उन्होंने कहा कि गाय का दूध भी खरीदेगी. साथ ही गाय के दूध की खरीदी कीमत अधिक होगी. ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग गाय पालन करें और दूध उत्पादन बढ़ सके.
25 गाय और 42 लाख रुपए तक की गोशाला यूनिट स्थापित करने पर दूध और अन्य उत्पाद तो पशुपालक के होंगे. सरकार पशुपालक को 10 लाख रुपये प्रोत्साहन अनुदान के रूप में देगी.
सरकार ने उठाए क्या कदम
बता दें कि मध्य प्रदेश सरकार दूध उत्पादन को बढ़ाने के लिए कई और काम कर रही है.
भोपाल दुग्ध संघ द्वारा उपभोक्ताओं की सहूलियत के लिए हेल्प डेस्क शुरू की करने की बात कही जा ही है.
इसमें उपभोक्ता 24/7 सुझाव दे सकेंगे. दूध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रीतेश जोशी ने बताया कि जिस तरह क्वालिटी की जांच के लिए दूध का दूध पानी का पानी अभियान चलाया गया था. उसी कड़ी में अगला नवाचार हेल्प डेस्क के रूप में किया जाएगा.
सरकार की ओर से अंबेडकर जयंती के मौके पर पशुपालकों को सशक्त बनाने और राज्य में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के मकसद से ‘डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना’ की शुरुआत की थी.
इस योजना के तहत 25 दुधारू पशुओं की इकाइयों की स्थापना करने के लिए पशुपालकों की मदद करने की बात सरकार कह रही है.
इस योजना के तहत एक इकाई की लागत अधिकतम 42 लाख रुपए की मदद सरकार की ओर से दी जाएगी.












