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Dairy: सबसे ज्यादा नौकरी-मुनाफा देने वाले बन जाएंगे डेयरी और पोल्ट्री-फ‍िशरीज सेक्टर, पढ़ें डिटेल

पशुओं को खनिज मिश्रण (मिनेरल पाउडर) खिलाना चाहिए.
प्रतीकात्मक फोटो। livestockanimalnews

नई दिल्ली. अगर आप नौकरी छोड़ अपना स्टार्टअप खोलने की सोच रहे हैं या फिर नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है. आज लाइव स्टॉक एनिमल न्यूज डिजिटल प्लेटफार्म आपको कम लागत में ज्यादा मुनाफे वाला काम बताने जा रहा है, जो आपकी जिंदगी को बदल कर रख देगा. लोग खाने-पाने की दुकान खोलकर बैठ जाते हैं लेकिन ये कोई गारंटी नहीं कि वो बिजनेस चलेगा ही लेकिन डेयरी और लाइव स्टॉक यानी पशुपालन के कारोबार में हाथ आजमाएंगे तो उसमें सफतला के चांस भी हैं और मुनाफा भी ठीक-ठाक है. सबसे अच्छी बात ये है कि आने वाले सात सालों में इस कारोबार का बाजार 170 लाख करोड़ के होने की पूरी संभावना है. वर्तमान में ये बाजार 12-14 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. इस बात को हम अपनी तरफ से नहीं बल्कि अमूल के पूर्व एमडी और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट आरएस सोढ़ी का कहना है. वे इस कारोबार को किसान बाजार के नाम से भी पुकारते हैं.

डेयरी और पशुपालन में नौकरी की भरमार
अमूल के पूर्व एमडी और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट आरएस सोढ़ी कहते हैं कि आगामी 2030 तक हिंदुस्तान के अंदर डेयरी, पोल्ट्री, पशुपालन और फिशरीज में जबरदसत बदलाव देखने को मिलेगा.इसमें रोजागार की भरमार होगी. नौकरी के लिए नौजवानों को भटकना नहीं पड़ेगा बल्कि इस क्षेत्र में युवाओं के पास कई आप्शन होंगे.

सबसे ज्यादा नौकरियां ग्रामीण क्षेत्रों में मिलेंगी
आरएस सोढ़ी कहते हैं कि पहले लोग ग्रामीण क्षेत्र को नौकरी के मामले में पिछड़ा हुआ मानते थे लेकिन अब वहां पर सबसे अधिक नौकरी और रोजगार के अवसर मिलेंगे. डेयरी हो या पशुपालन सेक्टर, इनमें आने वाले 7-8 वर्ष में करीब 1.60 लाख करोड़ का निवेश आएगा. सबसे अच्छी बात ये है कि ऐसा होने से सबसे ज्यादा नौकरियों के मौके ग्रामीण क्षेत्रों में ही बढ़ेंगे.

लगातार बढ़ रहा डेयरी का कारोबार
अमूल के पूर्व एमडी और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट आरएस सोढ़ी ने बताया कि हिंदुस्तान में खान-पान के सामान का बाजार करीब 50 लाख करोड़ का है ये 2030 तक बढ़कर 170 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा. उन्होंने बताया कि इसमें अभी 50 लाख करोड़ के बाजार में सात लाख करोड़ का बाजार ऑर्गेनाइज्ड है. इसमे से भी 3.5 लाख करोड़ का बाजार अकेले डेयरी का है. अगर डेयरी की ही बात करें तो ये तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र है. 50 साल पहले दूध का उत्पादन 24 मिलियन टन था और अब 231 मिलियन टन है. गौरतलब है बिक दूध उत्पादन में हर 25 साल में तीन गुना इजाफा होता है. आज हमारे देश में हर रोज 60 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन होता है.

ऐसे मिलेंगी सात साल में 72 लाख नौकरियां
अमूल के पूर्व एमडी और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट आरएस सोढ़ी इस सेक्टर में मिलने वाली नौकरियों के बारे में बताया. उन्होंने लगातार बढ़ रहे डेयरी सेक्टर में जॉब की संभावनाओं पर बात करते हुए बताया कि आने वाले सात साल में 72 लाख जॉब और एक लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य हम हासिल कर सकते हैं, मगर, इसके लिए हमे दो बेहद जरूरी काम करने होंगे. पहला तो ये कि प्रति पशु दूध उत्पादकता बढ़ाने पर जोर देना होगा और दूसरा ये कि देश में चारे की कमी को दूर करना होगी. प्रति पशु दूध उत्पादन तभी बढ़ेगा जब गांवों से युवाओं का पलायन रोक जाएगा. उन्हें पशुपालन के लिए आकर्षित किया जाएगा. युवाओं को ये समझाना होगा कि पशुपालजन में भी रोजगार की बहुत संभावना है.

पशुपालन में आएगा 50-60 हजार करोड़ का निवेश
अमूल के पूर्व एमडी और इंडियन डेयरी एसोसिएशन के प्रेसिडेंट आरएस सोढ़ी ने बताया कि लाइव स्टॉक यानी सेक्टर यानी पोल्ट्री (अंडा-चिकन), फिशरीज और मीट के बाजार में भी 50 से 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश आएगा. आज पोल्ट्री सेक्टर तीन लाख करोड़ का है. ये सेक्टर हर साल आठ से 10 फीसद की दर से बढ़ रहा है.

Written by
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