नई दिल्ली. गाय का अगर दूध उत्पादन बढ़ाना है तो उसकी सही तरह से देखभाल भी बेहद ही जरूरी है. गाय के ब्याने के बाद दूध बढ़ाने और सेहत बनाए रखने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देना चाहिए. एक्सपर्ट का कहना है कि गाय के ब्याने (बच्चा देने) के बाद उसका दूध बढ़ाने और उसकी सेहत को बनाए रखने के लिए सही खान-पान बहुत जरूरी है. इसके बिना ज्यादा दूध उत्पादन नहीं लिया जा सकता है. ऐसे में यहां कुछ मुख्य चीजें के बारे में हम आपको बताएंगे जिससे दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी.
गाय को ऊर्जा के लिए गुड़ और अजवाइन खिलाना चाहिए. ब्याने के तुरंत बाद गाय के शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है. ऐसे में लगभग 500 ग्राम गुड़, 50 ग्राम अजवाइन और 20 ग्राम सोंठ को पानी में उबालकर पिलाएं. ये काढ़ा गर्भाशय की सफाई में मदद करता है और भूख बढ़ाता है.
और क्या-क्या खिलाना चाहिए
संतुलित पशु आहार (Concentrate Feed) भी दें. दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए केवल घास काफी नहीं है.
अनाज में मक्का या जौ, खली (सरसों या बिनौला), और चोकर (गेहूं का दाना) का सही अनुपात देना होगा.
शरीर की सही देखभाल के लिए 2 किलो और प्रति 2.5 लीटर दूध पर 1 किलो अतिरिक्त दाना देना चाहिए.
खनिज मिश्रण (Mineral Mixture) भी दें. दूध बढ़ाने के लिए कैल्शियम और फास्फोरस बहुत जरूरी है.
रोजाना 50 से 100 ग्राम अच्छी क्वालिटी का मिनरल मिक्सचर दाने में मिलाकर जरूर दें.
इससे गाय जल्दी दोबारा गरम (Heat) में भी आती है.
मेथी और शतावरी आयुर्वेदिक उपाय है. ये दोनों चीजें प्राकृतिक रूप से दूध के ग्रंथियों को सक्रिय करती हैं.
100-200 ग्राम मेथी को भुनकर या भिगोकर दाने के साथ दें. वहीं 20-30 ग्राम सतावरी
चूर्ण रोजाना देने से दूध की मात्रा और गुणक्ता में सुधार होता है.
हरा चारा और पानी गाय को पर्याप्त मात्रा में दें. हरे चारे में बरसीम या जई दें, ताकि उसे विटामिन मिलता रहे.
दूथ का 80 फीसद हिस्सा पानी होता है, इसलिए गाय को दिन में कम से कम 3-4 बार साफ और ताजा पानी पिलाएं.
याद रखें कि संतुलित आहार साफ पानी, स्वच्छता, स्वस्थ गाय, अधिक दूध की चाबी है.
सही आहार के फायदों की बात करें तो इससे दूध उत्पादन में वृद्धि होती है.
गर्भाशय की जल्दी सफाई हो जाती है. रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है.
पशु का जल्दी दोबारा हीट में आना आसान हो जाता है.
दूध की गुणक्ता में सुधार होता है.
गाय की अच्छी सेहत और लंबी उम्र होती है.
ब्याने के बाद शुरुआती 3-4 दिनों तक हल्का और सुपाच्य भोजन (जैसे दलिया) ही दें.
धीरे-धीरे दाने की मात्रा बढ़ाएं ताकि गाय का पेट खराब न है.
निष्कर्ष
साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि धनेला (Mastitis) जैसी बीमारी का खतरा न हो. इससे आपको पशु से ज्यादा दूध भी मिलेगा और फायदा भी बढ़ेगा.










