Home मीट Meat Production: बढ़ रही है मटन की मांग, यहां पढ़ें ज्यादा उत्पादन के लिए कैसे करें मेमने से तैयारी
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Meat Production: बढ़ रही है मटन की मांग, यहां पढ़ें ज्यादा उत्पादन के लिए कैसे करें मेमने से तैयारी

गोट एक्सपर्ट का कहना है कि एक से तीन महीने के बीच मेमना पालन की बात की जाए तो पहले महीने में शरीर का वजन सात किलोग्राम होता है.
मुजफ्फरनगरी भेड़ की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. लोगों की आर्थिक स्थिति में ग्रोथ और क्वालिटी से भरपूर मांस प्रोडक्ट की मांग, बड़े और महानगरों की स्थिर आबादी, रेस्तरां और होटलों में खाने के बढ़ते चलन की वजह से मटन की मांग तेजी से बढ़ रही है. एक्सपर्ट का कहना है कि भेड़ के मेमनों के संतुलित पोषण और आहार से वजन बढ़ाने में उसकी आहार एफिशिएंसी में काफी सुधार हो सकता है. खेत में चरने वाले मेमनों का वजन 3 महीने की उम्र में 8-10 किलोग्राम और 6 महीने की उम्र में 16-18 किलोग्राम तक हो जाता है. जबकि आहार के तहत पलने वाले मेमने का वजन 6 महीने की उम्र में 30-32 किलोग्राम तक हो जाता है. इसलिए ये ​मीट के बिजनेस के लिहाज से भी बेहतर सौदा है.

एक्सपर्ट के मुताबिक मेमनों के पालन में पहला मकसद बेहतर आहार मेथड को लागू करके अच्छी आहार एफिशिएंसी और क्वालिटी वाला मांस प्रोड्यूस करना होता है. दूध छुड़ाने से पहले जरूरत के मुताबिक वजन हासिल करना अगले चरण यानि दूध छुड़ाने के बाद ग्रोथ को गति देता है. मेमनों का दूध जल्दी छुड़ाने से जल्दी सेल, बेमौसम मेमने का उत्पादन और प्रति वर्ष कई मेमने की फसल प्राप्त करना संभव हो जाता है. एक्सपर्ट का कहना है कि मार्केट में मटन की मांग तेजी बढ़ रही है. इसलिए इसी को नजर में रखते हुए मेमनों को तैयार करना चाहिए. ताकि ज्यादा से ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके.

कोलोस्ट्रम कितना देना चाहिए
एक्सपर्ट के मुताबिक नवजात मेमनों को जन्म के 4 घंटे के भीतर अपनी मां के दूध को पीने देना जाना चाहिए. जन्म के समय 50 मिली प्रति किलोग्राम शरीर के वजन की दर से कोलोस्ट्रम दिया जाना चाहिए और पहले 24 घंटों के दौरान हर 6 घंटे में दिया जाना चाहिए. इम्युनोग्लोबुलिन के अलावा, कोलोस्ट्रम में पोषक तत्व होते हैं जो नवजात मेमनों में हीट उत्पादन को बढ़ावा देते हैं और हाइपोथर्मिया को रोकते हैं. मेमनों की ग्रोथ और विकास प्रारंभिक स्तनपान के दौरान भेड़ के दूध की उपज पर निर्भर करता है. मेमनों को जन्म के कुछ दिनों के भीतर ही चारा चबाना शुरू कर देते हैं, लेकिन सिर्फ चारा चबाना ही उच्च विकास के लिए पर्याप्त नहीं होगा.

बारीक चारा पसंद कररते हैं मेमने
मेमनों को मिनरल मिक्सचर और अच्छी गुणवत्ता वाले मोटे आहार का विकल्प दिया जाना चाहिए. छोटी उम्र में मेमनों को बारीक पिसा हुआ और छोटे कणों वाला चारा पसंद होता है. मेमनों के आहार में टेस्टी आहार के तौर पर सोयाबीन का आटा, पिसा हुआ मक्का, लोबिया घास, ग्वार घास, पेड़ के पत्ते आदि शामिल करना चाहिए. टुकड़े—टुकड़े या बनावट वाले राशन को पेलेट वाले क्रिप फीड की तुलना में बेहतर तरीके से खाया जाता है. फीड ताजा और सूखा होना चाहिए. मेमनों में ग्रोथ हासिल करने के लिए, दूध के रिप्लेसमेंट के तौर पर 24-28 फीसदी कच्चा प्रोटीन, 10-12 फीसदी वसा वाला आहार दें.

Written by
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