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Poultry Farming: मुर्गे और मुर्गियों को बीमारी से बचाने के लिए करें ये काम, यहां पढ़ें एक्सपर्ट की सलाह

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केज में पाली जा रही हैं मुर्गियां. live stock animal news

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग के बिजनेस में मौसम का भी खूब असर रहता है. खासतौर पर तो गर्मी और बारिश में मुर्गियों को बीमारियों का खतरा रहता है. जिसकी वजह से मुर्गियों की मौत भी होने लग जाती है. ऐसे में पोल्ट्री फार्म संचालकों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ जाता है. ऐसे में इस चुनौती से निपटना जरूरी होता है नहीं तो फिर पोल्ट्री के बिजनेस में नुकसान होने लग जाएगा और कारोबार में पोल्ट्री संचालक को घाटा उठाना पड़ सकता है. सीसीएआरआई बरेली के वैज्ञानिक डॉ. गौतम कोलूरी की मानें तो बारिश और गर्मी दोनों ही मौसम में फीडिंग पर खास ख्याल रखना चाहिए.

गर्मी में रात 1 बजे से सुबह 5 बजे तक दाना देना चाहिए. क्योंकि यह समय थोड़ा ठंडा होता है और इस समय मुर्गियों को फीड करने से उनके ग्रोथ तेजी से होती है. उन्होंने बताया कि अगर अच्छा प्रोडक्शन चाहिए तो सबसे जरूरी फीड मैनेजमेंट ही है. जब सही समय पर अच्छी क्वालिटी का फीड मुर्गे खाएंगे तो उन्हें बेहतर प्रोडक्शन करेंगे. तेल मिलना भी बेहद जरूरी है ताकि मुर्गियों को ताकत मिले.

टीका लगाएं तो बूस्टर एड कर लें
फीडिंग के अलावा मुर्गियों की हेल्थ मैनेजमेंट के लिए ख्याल रखा जाना चाहिए. कई बार बीमारियों की वजह से मुर्गियों की क्षमता बिल्कुल कम हो जाती है. इसलिए मुर्गियों का टीकाकरण भी किया जाना चाहिए. अगर टीकाकरण दिया जाए तो इस बात का ध्यान दिया जाना चाहिए कि मुर्गियों के एंटीबॉडी आई है या नहीं. वहीं मुर्गियों की क्षमता बढ़ाने के लिए मार्केट में कई तरह के इम्यूनिटी बूस्टर टीके उपलब्ध हैं. जब टीका लगाएं तो इम्यूनिटी बूस्टर उसमें ऐड कर लें. ताकि वैक्सीन की इम्युनिटी बेहतर हो जाए. टाइम से वैक्सीनेशन करना भी बेहद जरूरी है. वैक्सीनेशन के लिए जरूरी है कि रात में 8 बजे बजे करो या सुबह 4 बजे किया जाए. बहुत सी मुर्गियों को हाथ नहीं लगाया जाता है और उन्हें वैक्सीन देने में दिक्कत होती है. इसके लिए मार्केट में कई तरह के पीने के लिए सीरप और टैबलेट मिलते हैं. वह पानी के साथ दिया जा सकता है.

शेड में ये व्यवस्थाएं करें
गर्मियों में शेड का मैनेजमेंट भी करना बेहद जरूरी है. क्योंकि दवा या वैक्सीन देने से 30% से 40% असर कम हो जाता है लेकिन शेड मैनेजमेंट करना भी बेहद जरूरी है. अगर आप बॉयलर और लेयर की केज में उसका वेंटिलेशन ठीक होना चाहिए. जब शेड बनाया जाए तो यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए. शेड का डायरेक्शन नॉर्थ व साउथ डायरेक्शन में रखना चाहिए. अगर ईस्ट वेस्ट में बनेगा तो सुबह की भी धूप आएगी और जब सूरज डूबने लगेगा तो शाम की धूप भी आएगी. इससे धूप शेड के अंदर सीधे आएगी. जिससे मुर्गियों को बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा. इसलिए शेड कंस्ट्रक्शन में जरूरी है कि ऐसी दशा में इसके अंदर फैन को भी लगाना बेहद जरूरी होता है. चाहे एग्जॉस्ट फैन, वेंटीलेशन फैन और कूलिंग लगाया जा सकता है.

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