Home पशुपालन Animal Husbandry: ज्यादा यूरिया खाने से पशुओं की हो सकती है मौत, यहां पढ़ें कैसे करें इसका इलाज
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Animal Husbandry: ज्यादा यूरिया खाने से पशुओं की हो सकती है मौत, यहां पढ़ें कैसे करें इसका इलाज

banni buffalo
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. पशुओं को अगर सूखा चारा दिया जा रहा है तो उसे उचारित किया जाता है. फिर इस तरह का चारा खाने से पशुओं को ज्यादा फायदा होता है. एक्सपर्ट का कहना है कि सूखे चारे को उपचारित करने के लिए 4 किलो यूरिया को करीब 65 किलो पानी में अच्छी तरह से घोलना चाहिए. इस यूरिया के घोल को 100 किलो सूखे चारे में हाथों से छिड़क कर अच्छी तरह मिला लें. फिर इसे एक ढेर या कूप बनाकर ऊपर से पॉलिथीन की चादर द्वारा अच्छी तरह से ढक्कर उसके किनारे को मिट्टी से दबा दें. ताकि बाहर से हवा अन्दर न जा सके और इसको करीब एक महीना तक छोड़ दें.

एक्सपर्ट के मुताबिक इस प्रकार से उपचारित सूखे चारे को खिलाने से पहले करीब एक घंटा खुली हवा में छोड़ दें. उसके बाद पशुओं को खिलायें. उपचारित चारा जितना जरूरत हो उतनी ही ढेर से बाहर निकालें. उपचारित चारे का रंग हल्का भूरा तथा मुलायम हो जाता है. इसलिए पशु इसे आसानी से खा लेता हैं. यहां आपको ये भी बताते चलें कि कई बार पशु यूरिया ज्यादा खा लेते हैं तो उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

ज्यादा यूरिया खाने से होती है ये परेशानियां
अगर किसी वजह से पशु ज्यादा मात्रा में यूरिया खा लेता है तो यूरिया का जहरीलापन के लक्षण 15 से 30 मिनट के अन्दर सामने दिखाई देने लगता है. जैसे पेट दर्द के कारण छटपटाहट, शरीर में कंपन, पेट का फूलना, दर्द से चिल्लाना, दांत कटकटाना, गहरी सांस लेना. तेज अवस्था में पशु जोर लगाकर सांस लेता है और मुंह से झाग आने लगती है. कान और चमड़ी भी गर्म हो जाती है. ये सब लक्षण यूरिया की मात्रा और पशु के शारीरिक भार पर निर्भर करते हैं. ज्यादा जहरीलापन की अवस्था में पशु 3-4 घंटे में मर जाता है.

इस तरह करें इलाज
एक बार पशु में जहरीलेपन के लक्षण सामने आने पर यदि तुरन्त ही इलाज न किया जाए तो पशु को बचाना असम्भव हो जाता है. इसलिए यूरिया द्वारा चारे को उपचारित करते समय ऊपर बतायी गयी सभी प्रकार की सावधानियां अवश्य बरतें. फिर भी टॉक्सीन हो जाने से छोटे पशुओं को आधा लीटर और बड़े पशुओं को 4 लीटर सिरका नाल द्वारा पिलायें तथा पेट से गैस निकालने का प्रयास करें. इसके लिए तेज धार वाले गर्म चाकू से पशु को बायें कोख में करोल एक इंच का चीरा लगायें. इससे गैस तुरंत बाहर निकल जायेगी. फिर इसका पशु चिकित्सक से इलाज करवा लें. ग्लूकोज का पानी चढ़ाना भी हितकर होगा. हालांकि ये सभी काम पशुपालक करें तो बेहतर होगा.

Written by
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