नई दिल्ली. अंडा प्रोटीन का सबसे सस्ता और अच्छा सोर्स माना जाता है. न्यूट्रिशन एक्सपर्ट का कहना है कि हर दिन एक व्यस्क को दो अंडे का सेवन करना चाहिए. जिससे उसे भरपूर मात्रा में प्रोटीन मिलता है. आपको बता दें कि साल दर साल अंडो का प्रोडक्शन और देश में अंडा खाने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है. वहीं प्रति व्यक्ति हर साल देश में 103 अंडा खाया जा रहा है. इसके पीछे की वजह कहीं न कहीं लोगों में हेल्थ अवेयरनेस भी है. जिससे लोग ऐसे फूड की तरफ रुख कर रहे हैं जिससे उन्हें और उनके शरीर को फायदा पहुंचे.
नेशनल एक कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) की ओर से जारी किए गए आंकड़ों पर गौर किया जाए तो साल 1961 से और 2023 तक सबसे ज्यादा जिस फूड ने उत्पादन में ग्रोथ हासिल की है वो अंडा ही है. दूध, फल मीट और सब्जियां के बीच अंडों का उत्पादन सबसे ज्यादा हुआ है.
क्या कहते हैं आंकड़े
एनईसीसी के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो देश में 1961 से 2023 तक 163 पापुलेशन बढ़ी है.
डेयरी सेक्टर में दूध उत्पादन इन वर्षों में 181 फीसद की ग्रोथ रेट के साथ देश में उत्पादित किया गया है.
वहीं फूडग्रेंस 251 फीसद की दर से उत्पादित हुआ है. फलों की बात की जाए 367 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की है.
जबकि देश में मीट उत्पादन भी बढ़ा है और 421 परसेंट की ग्रोथ रेट के साथ ये बढ़ा है.
सब्जियों के उत्पादन की बात की जाए तो 503 परसेंट की ग्रोथ रेट के साथ इसका भी उत्पादन बढ़ गया है.
वहीं 547 परसेंट की दर से सबसे ज्यादा अंडो ने गोथ दर्ज की है. यानी देश में 1961 से 2023 तक 547 फीसदी की दर से अंडों का उत्पादन किया गया है.
निष्कर्ष
जनसंख्या वृद्धि के बावजूद, 2025 में विभिन्न प्रकार के खाद्यान्नों की प्रति व्यक्ति उपलब्धता 1960 के दशक की तुलना में काफी अधिक हो गई है. एक्सपर्ट कहते हैं कि इसका पूरा श्रेय किसानों द्वारा साल भर की गई कड़ी मेहनत, आधुनिक तकनीकों को जाता है. वहीं शहरीकरण, घटती कृषि योग्य भूमि और कृषि जनसंख्या, जलवायु परिवर्तन आदि ने खाद्य उत्पादन और उपलब्धता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डाला है.












