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Fish Farming: आंध्र प्रदेश सरकार ने एक साल में ढाई लाख से ज्यादा मछुआरों को दिया बीमा कवरेज

गर्मी में भी मछली के तालाबों में पानी का स्तर लगभग 6 फीट रखा जाना चाहिए. इससे निचले हिस्से में पानी का तापमान उपयुक्त रहता है.
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्य विभाग द्वारा वित्त वर्ष 2020-21 से अब तक आंध्र प्रदेश सहित सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के लिए 20750 करोड़ रुपए की कुल लागत से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) लागू की जा रही है. इस योजना के अंतर्गत, अन्य बातों के अलावा, मछुआरों और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाती है. इसमें समुद्री और अंतर्देशीय दोनों प्रकार के मछुआरों और संबद्ध मत्स्य श्रमिकों को शामिल किया गया है.

जिसमें संपूर्ण बीमा प्रीमियम राशि केंद्र और राज्य के बीच 60:40 के अनुपात में साझा की जाती है. हिमालयी और उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 है जबकि केंद्र शासित प्रदेशों के मामले में संपूर्ण प्रीमियम राशि केंद्र द्वारा भुगतान की जाती है.

एक्सीडेंट होने पर भी मिलती है मदद
पीएमएमएसवाई के तहत प्रदान किए जाने वाले बीमा कवरेज में मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता के लिए 5,00,000 रुपए दिए जाते हैं.

स्थायी आंशिक विकलांगता के लिए 2,50,000 रुपए और दुर्घटना की स्थिति में 25,000 रुपए तक का अस्पताल व्यय शामिल है.

आंध्र प्रदेश ने पिछले पांच वर्षों के दौरान सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना (जीएआईएस) में भाग नहीं लिया.

वर्तमान वित्त वर्ष 2026-26 के दौरान, 2,84,888 मछुआरों को कवर करने के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं.

इसके अलावा, जीएआईएस के तहत दावा दाखिल करने और निपटान की प्रक्रिया पॉलिसी के नियमों और शर्तों द्वारा नियंत्रित होती है.

प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मानकीकृत दावा प्रारूप और चेकलिस्ट निर्धारित किए गए हैं, सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को समयसीमा सूचित कर दी गई है.

कमियों को दूर करने, दावा दस्तावेजों को शीघ्रता से प्रस्तुत करने और पात्र दावों के समय पर निपटान को सुनिश्चित करने के लिए राज्य मत्स्य विभागों, बीमा मध्यस्थ और बीमा कंपनियों के साथ नियमित समन्वय बैठकें आयोजित की जाती हैं.

आंध्र प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 (01.06.2026 से 31.05.2027) के दौरान पहली बार सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना (जीएआईएस) में भाग लिया है.

जिसके तहत 2,84,888 मछुआरों को बीमा कवरेज प्रदान किया गया है और आज तक निपटान के लिए कोई दावा नहीं किया गया है.

योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, दुर्घटना की तारीख से 120 दिनों के भीतर दावा प्रस्तुत करना अनिवार्य है और सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित पूर्ण दावा प्रस्ताव 180 दिनों के भीतर प्रस्तुत करना होगा.

प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए नियमित समीक्षा बैठकें और अनुवर्ती कार्रवाई की जाती है.

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह ने राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी.

Written by
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