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Fisheries: तालाब में कितना होना चाहिए मछली बीज का रेशियो, पढ़ें सीड हार्वेस्टिंग की सावधानी

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ऑक्सीजन की कमी ज्यादा है तो मशीनों की मदद से ऑक्सीजन पानी में छोड़ना चाहिए.

नई दिल्ली. मछली पालन करने में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है. खास करके इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि तालाब में मछलियों का अनुपात क्या हो और तालाब में मछली पालक द्वारा जो खाद्य सामग्री डाली जाए उसका पूरा उपयोग हो. इसके लिए जरूरी है कि मछली पालक को पता हो कि उसे कितनी मछली बीज तालाब में डालना है. जो उसे हर तरह से फायदा पहुंचाए. आईए जानते हैं कि तालाब में मछली के बीज का अनुपात क्या होना चाहिए और मछली के बीज डालने के दौरान क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

तालाब में मछलियों के स्थान और भजन निश्चित होते हैं. इसलिए पाली जाने वाली मछलियों का अनुपात भी निश्चित होना चाहिए. तालाब में सभी छ प्रकार की मछलियों का पालन किया जा सकता है. ताकि तालाब की सभी जगह का समुचित उपयोग हो सके. साथ ही सभी तरह के भोजन पदार्थ का भी उपयोग हो सके जो मछली पालक के द्वारा डाला गया है. तालाब में कम से कम तीन तरह की मछलियां तो डालना ही चाहिए. देखा गया है कि सिल्वर कार्प का अनुपात अधिक होने पर कत्ला की बाढ़ काम हो जाती है. इसलिए इसकी मात्रा कत्ला से कम रखनी चाहिए. यदि तालाब में ग्रास कार्प के उपयुक्त घास नहीं है तो इसका संचयन करने से बचना चाहिए.

जिंदा रहने के चांस बढ़ जाएंगे
जीरा ऑक्सीजन पैक वाली पॉलिथीन में लाना चाहिए. इससे परिवहन और के दौरान उसकी मृत्यु दर कम होती है. संचयन सुबह या सूरज डूबने की समय करना चाहिए. जब पानी ठंडा हो. प्लास्टिक की थैली में भारी जीरे को सीधे पानी में नहीं डालना चाहिए. इसे थोड़ी देर तालाब के पानी में रखें ताकि थैली और तालाब के पानी का तापमान समान हो जाए. जीरा को सतह थैली से तालाब में जाने दें. एक गमछा को पानी में डूबाते हुए पकड़े और इसके ऊपर से मछलियों को छोड़ें. यदि पोटेशियम परमैग्नेट की घोल में जीरा को उपचारित कर दिया जाए तो इसकी जीवित दर अच्छी होती है.

क्या होना चाहिए अनुपात पढ़ें यहां
देखा गया है कि सिल्वर कार्प का अनुपात अधिक होने पर कत्ला की बाढ़ पर असर पड़ता है. इसलिए इसकी मात्रा कत्ला से कम रखनी चाहिए. यदि तालाब में ग्रास कार्य के लिए उपयुक्त घास नहीं है तो ग्रार्स कार्प का संचयन कम करना चाहिए. सुविधा के अनुसार 3 या फिर 6 प्रकार की मछलियों का संचयन कर करना बेहतर होता है. इसे ऐसे समझ सकते हैं कि कत्ल रोहू मृगल 40, 30, 30, कत्ला, रोहू, कॉमन कार्प को 30, 30, 15, 25, कत्ला, रोहू, मृगल, कॉमन कार्प, ग्रास कार्य को 30, 15, 25, 20, 10, और कत्ला सिल्वर कार्प, रोहू, मृगल, कामन कार्प और ग्रास कार्प को 10, 25, 15, 20, 20, और 10 के अनुपात में पालें.

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