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Union Budget 2024: अब सस्ता हो जाएगा मछली और झींगा फीड, सरकार ने घटाई इम्पोर्ट डयूटी

फीड के एक भाग को पाउडर के रूप में तालाब के सतह पर छिड़कते हैं ताकि ऊपरी सतह पर रहने वाली मछलियों को पर्याप्त भोजन मिल सके.
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. 2024 में बनी एनडीए सरकार का पहला आम बजट बुधवार को पेश किया गया है. इस बजट को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया. जिस तरह से हर सेक्टर को उम्मीद थी कि उनके हिस्से में कुछ न कुछ आएगा, उसी तरह से फिशरीज सेक्टर को भी उम्मीद थी और सरकार ने इस सेक्टर को तोहफा दिया है. सरकार ने इस सेक्टर को राहत देते हुए बड़ा कदम उठाया है और एक झटके में फिश और झींगा फीड पर इंपोर्ट ड्यूटी को घटाने का ऐलान कर दिया है. एक्स्पर्ट का कहना है कि इससे सेक्टर को काफी फाश्दा होने वाला है.

बताते चलें कि फिश ​और झींगा फार्मिंग में सबसे ज्यादा लागत उसकी फीड पर आती है. फीड महंगी है तो इसी लागत ज्यादा हो जाती है. इस वजह से इसका असर एक्सपोर्ट पर पड़ता है. एक्सपोर्ट न हो पाने के कारण भारत के कारोबारियों को उतना फायदा नहीं मिलता है जितना मिलना चाहिए. इसलिए सरकार ने इंपोर्ट ड्यूटी को कम करके कारोबारियों को बड़ी राहत देने की कोशिश की है.

1 लाख करोड़ रुपये करना चाहती है सरकार
एनडीए सरकार की ओर से पेश किए गए पहले बजट में फिश और झींगा फीड पर लगने वाली 15 फीसदी की इंपोर्ट ड्यूटी को कम कर दिया गया है. अब ये इंपोर्ट ड्यूटी 5 फीसदी कर दी गई है. जिससे इस सेक्टर के लोगों को राहत मिलने की बात कही जा रही है. कारोबारी फिश और झींगा के लिए फीड को विदेशों से भी इंपोर्ट करना पड़ता है. इसके चलते वो मछली और झींगा की प्रोडक्शन लगात निकालकर इसे महंगा बेचने को मजबूर होते हैं. यही वजह है कि भारत से विदेशों में फिश और झींगा एक्सपोर्ट का बिजनेस 65 हजार करोड़ का है. ज​बकि सरकार चाहती है कि इसे 1 लाख करोड़ रुपये किया जाए. फरवरी में मोदी सरकार ने अपने बजट में इस बात का ऐलान भी किया था.

कितना होता है प्रोडक्शन
गौरतलब है कि भारत में एक्वाकल्चर प्रोडक्शन की बात की जाए तो करीब 170 लाख टन के आसपास है. इसमें से सिर्फ 10 लाख टन ही एक्सपोर्ट हो पाता है. बाकी की भारत में ही खपत है. 10 लाख टन एक्वाकल्चर एक्सपोर्ट में झींगा ज्यादा एक्सपोर्ट होता है लेकिन वियतनाम जैसा देश सस्ता झींगा एक्सपोर्ट करता है. इसलिए भारत से ज्यादा वो एक्सपोर्ट करने के मामले में आगे है. वहीं अब 5 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी कम होने से कारोबारियों को प्रोत्साहन मिलने की बात कही जा रही है. कहा जा रहा है कि इससे प्रोडक्शन बढ़ेगा और साथ ही एक्सपोर्ट भी. यानि देश में भी झींगा अब सस्ता मिलेगा.

आर्थिक सहायत भी देगी सरकार
इतना ही नहीं सरकार एक और महत्वपूर्ण ऐलान इस बजट में किया है. वित्त मंत्री की घोषणा के मुताबिक के जरिए अब एक्वाकल्चर कारोबारियों की आर्थिक मदद की जाएगी. सरकार ने झींगा पालन में प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने की बात की है. इसके तहत प्रोसेसिंग यूनिट लगाने और झींगा उत्पादन करने आदि में नाबार्ड की ओर से आर्थिक सहायत मिलेगी. इससे भी एक्सपोर्ट को पंख मिलेगा. जब ज्यादा किसान फिश और झींगा उत्पादन करेंगे तो प्रोडक्शन भी ज्यादा होगा. प्रोडक्शन ज्यादा होने के बाद एक्सपोर्ट होगा. जिसका फायदा किसानों को मिलेगा.

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