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Fish Farming: फिश हैचरी शुरू करने के लिए सरकार दे रही है 4 लाख 20 हजार रुपये, जानें कैसे मिलेगा फायदा

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मछली का प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. मछली पालन को सरकार ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है. ताकि किसान मछली पालन करके भी अपनी आजीविका को चला सकें. बता दें कि रंगीन मछली पालन भी एक बेहतरीन काम है. जिससे अच्छी खासी कमाई होती है. जहां प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत सजावटी रंगीन मछलियों के पालन पर किसानों को 60 फीसदी तक सब्सिडी दी जाती है, तो वहीं हरियाणा सरकार भी रंगीन मछली की बैकयार्ड हैचरी यूनिट की स्थापना करने के लिए किसानों को मदद देती है. ताकि किसान इसे जुड़कर मुनाफा कमा सकें और उनकी आमदनी दोगुनी हो सके.

आप की जानकारी के लिए बता दें कि फिश हैचरी में ऐसी सुविधा होती हैं, जहां मछलियों के अंडे से बच्चे निकाले जाते हैं और उनका इसमें पालन पोषण किया जाता है. ताकि वह आसानी से पनप सकें. बाद में उन्हें पानी के दूसरे निकायों में ट्रांसफर कर दिया जाता है और इस तरीके से अच्छी खासी कमाई की जाती है. अगर आप हरियाणा के निवासी हैं और फिश हैचरी खोलना चाहते हैं तो सरकार आपको अनुदान दे रही है. जिसकी मदद से आपको हैचरी खोलने में मदद मिलेगी.

जानें कितनी मिलेगी सब्सिडी
रंगीन मछली की बैकयार्ड हैचरी यूनिट को बनाने में सात लाख रुपये का खर्च आता है. जिसमें से 60 फीसदी की दर से पैसे लाभार्थी को दिए जाएंगे, जो 4 लाख 20 हजार रुपये बनते हैं. अनुदान एक हेक्टेयर के अनुसार दिया जाएगा. जिसकी अधिकतम सीमा 4 लाख 20 हजार रुपए रखी गई है. इसके लिए कुछ शर्ते भी रखी गई हैं. जिसमें लाभार्थी के पास परिवार पहचान पत्र होना जरूरी है. हरियाणा राज्य का निवासी होने पर ही उसे इस योजना का फायदा मिलेगा और उसे अनुसूचित जाति से संबंधित होना भी जरूरी है. यूनिट का खर्च और बिल देनी होगी. अनुदान सीमा एक यूनिट के लिए होगी. विभाग की कमेटी द्वारा इसका वेरिफिकेशन भी होगा और रिपोर्ट पेश करनी होगी. विभाग की कमेटी द्वारा लाभार्थियों का चयन होगा.

इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
आवेदन करने के लिए मछली किसान को राशन कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, बर्थ सर्टिफिकेट डेट ऑफ बर्थ सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और दसवीं कक्षा का सर्टिफिकेट देना होगा. इसके अलावा जाति प्रमाण पत्र तहसीलदार द्वारा जारी होना चाहिए. इस योजना का फायदा उन्हीं को मिलेगा जो फिशरीज की ट्रेनिंग हासिल किए हुए होंगे. वहीं भूमि का रिकॉर्ड जहां पर तालाब बनेगा देना होगा. तहसील भूमि का रिकॉर्ड खुद की जमाबंदी नकल, तालाब लीज पर है तो उसके दस्तावेज पंचायत के पट्टा आदि की संख्या देना होगा. सब्सिडी संबंधित फोटो भी देना होगा. वहीं विभाग 10 रुपये के स्टांप पेपर पर मछली किसान से शपथ पत्र भी लेगा.

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