नई दिल्ली. जानवरों की भी देखरेख ठीक उसी तरह से करना चाहिए, जिस तरह से अहम आम इंसान खुद की करते हैं. क्योंकि जानवर अपनी जरूरत को बता नहीं पाते हैं इसलिए उनकी देखभाल में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है. उन्हें कब क्या चाहिए इसका ध्यान रखना जरूरी है. जानवरों को कब चारा देना चाहिए, कब पानी देना चाहिए, इन सबकी जानकारी होना जरूरी है. पशुपालन के काम में अगर बकरी पालन करते हैं तो जान लें कि बिल्कुल सुबह से लेकर रात तक उनकी देखभाल के लिए कुछ न कुछ आपको करते ही रहना है.
गोट एक्सपर्ट का कहना है कि बकरी पालन से खूब मुनाफा कमाया जा सकता है लेकिन जरूरत इस बात की है कि बकरियां स्वस्थ रहें और ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करती रहें. तभी ये संभव हो पाएगा. यदि बकरियों की सेहत सही नहीं रहेगी तो फिर उत्पादन बेहतर नहीं होगा. ऐसे में बकरी पालकों को नुकसान हो सकता है.
कब क्या करना है, जानें यहां
एक्सपर्ट के मुताबिक बकरियों को सुबह 5 से 6 बजे के बीच को खोलें और निरीक्षण करें. देखें कहीं कोई दिक्कत तो नहीं है.
इसके बाद बकरियों को खोलकर हल्की सैर कराना चाहिए.
सभी बकरियों का स्वास्थ्य चेक करें. उनकी आंख, नाक, मुंह, चलने का तरीका आदि देखें.
बकरियों को सुबह से लेकर शाम तक ताजा पानी समय—समय पर पिलाएं.
याद रखें कि पानी साफ और ठंडा ही पिलाना चाहिए.
पानी की टंकी, बाल्टी रोज साफ करें.
बकरियों को दिन में हरा चारा खिलाना चाहिए.
हरे चारे में ताजा हरा चारा दें. जिसमें नेपियर, बरसीम, ज्वार, मक्का शामिल करें.
गर्भवती बकरियों को पौष्टिक हरा चारा ज्यादा देना चाहिए.
दाना बकरी के वजन और अक्स्था के अनुसार खिलाना चाहिए.
गर्भवती बकरियों को पौष्टिक दाना प्रोटीन, मिनरल मिक्स जरूर दें.
आराम और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए.
बकरियों को छायादार और हवादार स्थान दें.
बकरियों का बाड़ा साफ रखें, गीला बिछावन बदलें.
दोपहर में फिर से पानी पिलाना चाहिए. पानी और मिनरल सप्लिमेंट जरूर दें.
मिनरल मिक्स या नमक चाट (Salt Lick) उपलब्ध कराएं.
शाम को एक बार फिर हरा चारा खिलाएंऋ
चारा धीरे-धीरे और अच्छी मात्रा में देना चाहिए.
अगर बकरी गर्भवती है तो उसे विशेष देखभाल की जरूरत होती है.
वहीं बकरी को समय पर टीकाकरण और कीड़े मार दवा देना चाहिए.
रात में थोड़ा सूखा चारा, भूसा और दाना दें.
निष्कर्ष
रात का चारा देने के बाद शेड को बंद कर दें. शिकारी जानवरों से सुरक्षा तय करें. इस तरह से बकरी पालन में एक बकरी पालन का रूटीन होना चाहिए.










