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Government Scheme: किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगी ये तकनीक

पशुधन में दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार सेक्स सोर्टेड सीमन तकनीक को बढ़ावा दे रही है. इस तकनीक से बछिया पैदा होने की संभावना 85 से 90 प्रतिशत तक हो जाती है.
शासन सचिव डॉ समित शर्मा की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित

नई दिल्ली. शासन सचिव पशुपालन विभाग डॉक्टर समित शर्मा ने मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की तारीफ करते हुए कहा कि योजना में विभाग ने अच्छा टीम वर्क किया है. अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस योजना में विभाग ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. अधिकारियों को निर्देश दिए कि अब पशुओं का स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी करने में तेजी लाएं. बीमा के लिए काम करने वाले कार्मिकों की प्रोत्साहन राशि में वृद्धि करने के निर्देश भी दिए, जिससे काम में गति आ सके. उन्होंने 31 मार्च तक पशुपालकों को बीमा जारी करने लिए काम करने के निर्देश प्रदान किए जिससे पशुपालकों को बीमा का लाभ जल्द से जल्द मिलना शुरू हो सके. वे राज्य समीक्षा बैठक में बोल रहे थे.

शासन सचिव पशुपालन विभाग डॉक्टर समित शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक में सभी जिलों के संयुक्त निदेशकों ने अपने अपने जिले का प्रगति विवरण दिया. मोबाइल वेटरिनरी यूनिट की समीक्षा करते हुए डॉक्टर शर्मा ने इसके प्रभावी पर्यवेक्षण पर बल दिया और निर्देश दिया कि सेवा प्रदाता का काम निर्धारित शर्तों के अनुरूप नहीं होने पर उनके लिए कुछ दंड का प्रावधान किया जाए. उन्होंने यूनिट के कैंप मोड की व्यवस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि एक कैंप में कम से कम 30 पशुओं का इलाज अवश्य होना चाहिए तभी कैंप की सार्थकता है. उन्होंने निर्देश दिया कि संचालनकर्ता फर्मों को नियमानुसार भुगतान भी समय पर सुनिश्चित किया जाए.

कृत्रिम गर्भाधान में प्रदेश को पहले स्थान पर लाना है कृत्रिम गर्भाधान विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले 15 अगस्त तक हमें कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में देश में पहले स्थान पर लाना है. उन्होंने कहा कि पशुधन में दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार सेक्स सोर्टेड सीमन तकनीक को बढ़ावा दे रही है. इस तकनीक से बछिया पैदा होने की संभावना 85 से 90 प्रतिशत तक हो जाती है. उन्होंने बताया कि सेक्स सोर्टेड सीमन के उत्पादन के लिए बस्सी में एनडीडीबी के सहयोग से लैब स्थापित किया जाएगा जिसमें स्थानीय स्तर पर सीमन का उत्पादन होगा.

डॉक्टर शर्मा ने सरकार ने सेक्स सोर्टेड सीमन की खरीद शुरू कर दी है। अब विभाग के अधिकारी अधिक से अधिक पशुपालकों तक इसकी पहुंच तय करें। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में यह तकनीक किसानों तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए मील का पत्थर साबित होगी. 10 से 12 मार्च तक विशेष अभियान चलाकर गोशालाओं के गायों की जांच करके बांझपन से ग्रसित गौवंशीय पशु एवं प्रजनन योग्य मादा गौवंशीय पशुओं का चिन्हिकरण तथा चयनित गौवंशों के लिए आवश्यकतानुसार उपचार की कार्ययोजना बनाई जाए. डॉ शर्मा ने कहा कि एआई और वैक्सीनेशन कार्यक्रम तथा एमवीयू में 15 अगस्त तक हमें देश में पहले स्थान पर होने के लिए और हमें इस दिशा में एकजुट होकर काम करना है.

आवश्यक दवाइयों की कमी नहीं होने दी जाएगी अवधिपार दवाइयों की समीक्षा करते हुए डॉक्टर शर्मा ने कहा कि पशु चिकित्सालयों में आवश्यक दवाइयों की कमी नहीं आने दी जाएगी. मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि सीएम से आवश्यक दवाइयों की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया गया था, जिसे उन्होंने तत्काल स्वीकार कर लिया. वेटरिनरी कॉलेजों में भी इन दवाइयों की उपलब्धता तय की जाएगी, जिससे वहां शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों को इनके उपयोग की व्यवहारिक जानकारी पहले से ही हो सके और दवाइयों के बारे मे वे सीख सकें. अवधिपार दवाइयों के संबंध में अधिकारियों ने बताया कि अब केवल 8 जिलों में अवधिपार दवाइयां रह गई हैं, जो कि आने वाले सप्ताह में समाप्त हो जाएंगी. बाकी सभी जिलों इन दवाइयों की संख्या शून्य है.

जिलों में विभाग की सभी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराना है जिलों में विभाग की भूमि पर अतिक्रमण की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि भरतपुर और जैसलमेर जिले ने इस मुद्दे पर बहुत अच्छा काम करते हुए विभाग की करोड़ों रुपये की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है. अन्य जिलों को भी इस दिशा में तत्परता से काम करते हुए शेष अतिक्रमित भूमि को भी अतिक्रमण से मुक्त कराना है. डॉक्टर शर्मा ने काम के प्रति लापरवाही और कोताही बरतने वाले अधिकारियों और कार्मिकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

ये अधिकारी जुड़े रचना सिद्धा, सहायक जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि इस राज्य स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में पशुपालन निदेशक और आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉक्टर आनंद सेजरा, सहित विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. जिलों के संयुक्त निदेशक तथा वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े.

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