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Fodder: गर्मी में पशुओं को चारा खिलाते समय बरतनी चाहिए ये सावधानियां, डिटेल पढ़ें यहां

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. गर्मी का मौसम है. इस दौरान पशुओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है. सबसे बड़ी दिक्कत तो फीड को लेकर होती है. पशुओं को हरा चारा नहीं मिल पाता है. मिलता भी है तो उसकी क्वालिटी ठीक नहीं रहती है. इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद ही जरूरी होता है. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मी के दिनों में पशुओं को हरा चारा खिलाते समय कुछ सावधानी बरतनी चाहिए, नहीं तो पशुओं को कई समस्याएं हो सकती हैं. पशु बीमार हो सकता है, उत्पादन घट सकता है और पशुओं की मौत भी हो सकती है.

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि गर्मी में पशुओं को हरा चारा क्यों खिलाना चाहिए? पशुओं के लिए हरा चारा क्यों जरूरी है और इसमें क्या सावधानी बरतनी चाहिए.

इस तरह का चारा पशुओं को खिलाएं
गर्मी में पशुओं के लिए हरा चारा सबसे उत्तम और सर्वोत्तम होता है. अगर आपके पास हरा चारा उपलब्ध है तो अधिक से अधिक मात्रा में पशुओं को हरा चारा खिलाना चाहिए. हरा चारा खिलाते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि हर चारा पका हुआ होना चाहिए. कच्चा नहीं होना चाहिए. अगर उसमें पानी की मात्रा से पहले से है यानि आपने सिंचाई की हुई है तो काट कर पशुओं को खिलाना चाहिए. इससे पशुओं को फायदा होता है. क्योंकि हरे चारे के अंदर विटामिन मिनरल्स भी भरपूर मात्रा में होते हैं. ये शरीर को ठंडा भी रखते हैं. वहीं इससे पाचन शक्ति भी बढ़ती है.

चारा हो सकता है खराब
जबकि पशुओं को हरा चारा जब खिलाया जाए तो इस बात का ध्यान रखा जाए कि उसमें पानी अच्छा दिया हुआ होना चाहिए. वह मुरझाए हुआ नहीं होना चाहिए. ये भी ध्यान दें कि पशुओं को हरा चारा ताजा काट करके ही खिलाएं. कई बार पशुपालक एक दिन पुराना चारा पशुओं को खिला देते हैं. इसके कारण हरे चारे में विषाक्त होने का खतरा रहता है. वहीं दिक्कत यह भी है कि देश में चारे की गुणवत्ता यहां खराब है. इसलिए अच्छी क्वालिटी का चारा पशुओं को नहीं मिल पाता है. जो चार पशुओं का मिलता है उसको सुरक्षित रखना भी बेहद ही महत्वपूर्ण होता है. कई बार नामी युक्त चारे को स्टोर कर लिया जाता है. इसके कारण चारे में फंगस लग जाता है. इसके कारण पशुओं में कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं. कई तरह के टॉक्सिन भी उसमें आ जाती है, जो पशुओं के लिए बहुत घातक होती है. जब हरे चारे को स्टोर किया जाए तो उसमें नमी की मात्रा नहीं होनी चाहिए. सुखाकर ही उसको स्टोर करें.

Written by
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