Home पशुपालन Lumpy: लम्पी से बचाने के लिए लगवाएं मुफ्त में वैक्सीन, पढ़ें रोकथाम का तरीका, जानें क्या होता है नुकसान
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Lumpy: लम्पी से बचाने के लिए लगवाएं मुफ्त में वैक्सीन, पढ़ें रोकथाम का तरीका, जानें क्या होता है नुकसान

इस तरह से पशु के शरीर पर निकल आती हैं गाठें.

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के झाबुआ, रतलाम, बैतूल, बड़वानी, सिवनी, सागर और भोपाल जिलों से पशुओं में लम्पी स्किन डिसीज लक्षण मिले हैं. इस संबंध में पशुपालन विभाग द्वारा लम्पी वायरस से बचाव और रोगग्रस्त पशुओं के उपचार के संबंध में एडवाइजरी जारी की है. संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ. पीएस पटेल ने बताया कि इस रोग से बचाव के लिए पशुओं को वैक्सीन जरूर लगवाएं. पशुपालक अपने पशुओं में लम्पी स्किन डिसीज के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी पशु औषधालय व पशु चिकित्सालय से संपर्क करें.

उन्होंने बताया कि स्वस्थ पशुओं को बीमार पशुओं से अलग रखें. स्वस्थ पशुओं का टीकाकरण कराएं. पशु रखने के स्थान की सफाई रखें एवं पशुओं के शरीर पर परजीवी जैसे किल्ली, मक्खी, मच्छर आदि को नियंत्रित करने के उपाय करें. पशुपालन विभाग द्वारा लम्पी वायरस की चुनौती से निपटने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं.

बीमारी के बारे में अहम बातें क्या हैं
डॉ. पटेल ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए टीकों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है, मुफ्त टीकाकरण किया जा रहा है एवं पशु पालकों को रोग से बचाव के संबंध में जरूरी परामर्श दिया जा रहा है.

प्रदेश में पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा माह अप्रेल 2025 से कुल 41.5 लाख पशुओं को एल.एस.डी. रोग प्रतिबंधात्मक टीका लगवाया जा चुका है. मुफ्त टीकाकरण कार्य निरंतर जारी है.

बता दें कि लम्पी पशुओं में होने वाली एक वायरस जनित बीमारी है, जो कि संक्रामक होती है. यह बीमारी मुख्यतः गो-वंशीय पशुओं में वर्षा के दिनों में फैलती है.

इस रोग की शुरूआत में हल्का बुखार दो से तीन दिन के लिये रहता है, उसके बाद पूरे शरीर की चमड़ी में गठानें निकल आती हैं. ये गठानें गोल उभरी हुई आकृति की होती हैं.

इस बीमारी के लक्षण मुंह, गले, श्वास नली तक फैल जाते हैं, साथ ही पैरो में सूजन, दुग्ध उत्पादकता में कमी, गर्भपात, बांझपन और कभी -कभी मृत्यु भी हो जाती है.

यह रोग मच्छर, काटने वाली मक्खी एवं किल्ली आदि से एक पशु से दूसरे पशुओं में फैलती है. अधिकतर संक्रमित पशु 2-3 सप्ताह में ठीक हो जाते है, लेकिन दूध की उत्पादकता में कमी कुछ समय बनी रह सकती है.

निष्कर्ष
पशुपालन विभाग द्वारा लम्पी स्किन बीमारी की रोकथाम एवं निगरानी के लिए भोपाल में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है, जिसका नंबर – 0755-2767583 है. कोई भी पशुपालक इस पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है.

Written by
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