नई दिल्ली. बिहार भले ही मीट उत्पादन के मामले में देश के टॉप 5 राज्यों में शामिल न हो लेकिन साल दर साल यहां भी मीट उत्पादन में बढ़ोतरी हो रही है. बिहार सरकार के डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग (Dairy Fisheries and Animal Resources Department) की ओर से जारी किए गए आंकड़े इसी ओर इशारा करते हैं. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से बताया गया है कि पिछले साल के मुकाबले बिहार में इस बार ज्यादा मीट का उत्पादन हुआ है. मीट उत्पादन के मामले में बिहार ने राष्ट्रीय औसत दर को भी पीछे छोड़ दिया है. यानी भारत में जितना मीट उत्पादन हुआ है, उसकी औसत दर को देखा जाए तो बिहार में उससे ज्यादा मीट उत्पादन हुआ है.
गौरतलब है कि देशभर में इस बार भी मीट उत्पादन बढ़ा है. मीत उत्पादन के मामले में पश्चिम बंगाल पहले स्थान पर रहा है. वहीं उत्तर प्रदेश दूसरे, महाराष्ट्र तीसरे, आंध्र प्रदेश चौथे और तेलंगाना पांचवें स्थान पर रहा है. जबकि बिहार मीट उत्पादन के मामले में नौवें स्थान पर है.
बिहार में मीट उत्पादन के आंकड़े क्या कहते हैं
बिहार में पिछले साल 404.3 हजार टन मीट का उत्पादन किया गया था. जबकि इस बार यह आंकड़ा बढ़ गया है और इस साल 420.59 हजार टन मीत का उत्पादन हुआ है.
बिहार राज्य ने 2024-25 में मीट के अनुमानित उत्पादन में शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है. राज्य ने 4.03 फीसद की दर से मीत उत्पादन में बढ़ोत्तरी दर्ज की है. जबकि ये राष्ट्रीय औसत दर 2.46 फीसद से ज्यादा है.
बिहार में प्रति व्यक्ति मांस की उपलब्धता की बात की जाए तो साल 2024 में 3.19 किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 3.27 किलोग्राम प्रति वर्ष हो गई है लेकिन राष्ट्रीय औसत से ये कम है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिहार देश के कुल मीट उत्पादन में चार फीसदी का योगदान देता है. जिसका आगे चलकर बढ़ना तय है.
निष्कर्ष
गौरतलब है कि सरकार मीट उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पोल्ट्री सेक्टर को भी बढ़ावा दे रही है. वहीं बफैलो मीट उत्पादन को भी बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है.










