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Fish Farming: इस मौसम में तालाब में होती है ऑक्सीजन की कमी, पहचान कर तुरंत करें उपाय

तालाब में मछली पालन करके कमाई की जा सकती है.

नई दिल्ली. मछलियों के लिए बनाए गए तालाब में अगर ऑक्सीजन की कमी हो जाती है तो इससे जलीय जीवन पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है. यानी मछलियों को नुकसान होता है. तालाब में घुली हुई ऑक्सीजन के स्तर कम होने की वजह से मछलियों का दम घटने लगता है. यदि समस्या तुरंत हल न की जाए तो मछलियों की बड़े पैमाने पर मौत हो सकती है. जिसके चलते मछली पालक को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. इतना ही नहीं ऑक्सीजन की कमी के चलते मछलियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो जाती है. इससे बीमारियां उन पर बहुत तेजी से असर करती हैं. जिसमें बैक्टीरियल संक्रमण जैसे रोग जल्दी से मछलियों पर अटैक करते हैं.

यह बात तो साफ है कि ऑक्सीजन की कमी से मछलियों को दिक्कत होती है लेकिन इसे पहचाना कैसे जाए यह जानना भी बेहद जरूरी है. तालाब में ऑक्सीजन की कमी होने पर मछलियां अक्सर पानी की सतह पर जाकर मुंह खोलकर हांफने लगती हैं. ऐसी स्थिति सुबह-सुबह ज्यादा दिखाई देती है. इसके अलावा पानी का रंग बदलना शुरू हो जाता है. उसमें बदबू आती है. मछलियां सुस्त हो जाती हैं और मछलियां एक जगह इकट्ठा भी होने लगती हैं. सुस्ती के कारण मछलियां तालाब में तैरना भी बंद कर देती हैं और फीड भी बहुत कम खाती है.

4 से 6 घंटे तक एयरेटर या एयर ब्लोअर जरूर चलाना चाहिए
अगर तालाब में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है तो तुरंत ही उपाय करना बेहद ही जरूरी है

एक्सपर्ट कहते हैं कि मई में अक्सर ज्यादा गर्मी और कई बार अचानक बारिश में भी तालाब में घुलित ऑक्सीजन में कमी हो जाती है.

ऑक्सीजन का संतुलन बनाए रखते और फाइटोप्लैंक्टन बनाए रखने के लिए हर महीने प्रति एकड़ 15 किलो सिंगल सुपर फास्फेट का छिड़काव करना चाहिए.

फिशरीज एक्सपर्ट का कहना है कि सिंगल सुपर फास्फेट का घोल बनाकर तालाब में छिड़काव करने से ज्यादा फायदा मिलता है. यही इसका सही तरीका भी है.

अगर अचानक से ऑक्सीजन की कमी हो जाए तो खतरा टालने के लिए 500 ग्राम प्रति एकड़ की दर से आक्सीजन बढ़ाने वाली दवा का छिडकाव भी करें.

इसके अलावा सुबह और शाम 4 से 6 घंटे तक एयरेटर या एयर ब्लोअर जरूर चलना चाहिए.

अगर बारिश बहुत तेज हो जाए तो बारिश के तुरंत बाद प्रति एकड़ की दर से 20 से 25 किलो चूना घोलकर तालाब में छिड़काव करें.

निष्कर्ष
ये कुछ उपाय है जिसको आजमाने से तालाब में ऑक्सीजन का स्तर सुधारा जा सकता है. जिससे मछली पालन में आपको नुकसान नहीं होगा.

Written by
Livestock Animal News Team

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