नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) देश में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने का काम कर रहा है. इसमें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय भी सहयोग करता है और इस विभाग के मंत्री चिराग पासवान ने और ज्यादा सहयोग का वादा भी किया है. उन्होंने एनडीडीबी अधिकारियों से मुलाकात कर ये सहयोग की बात कही है. गौरतलब है कि डेयरी सेक्टर में वित्तीय सब्सिडी देने, जैसे प्लांट लगाने के लिए अनुदान देने, कोल्ड चेन के निर्माण, उत्पाद की मार्केटिंग, और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से भारी सहयोग प्रदान करते हैं. इससे दूध की बर्बादी रुकती है और किसानों की आय बढ़ती है.
बता दें कि एनडीडीबी के क्षेत्रीय प्रमुख (NR), राजेश कुमार और डेयरी सर्विसेज के कार्यकारी निदेशक डॉ. रघु मल्लेगौड़ा ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान से मुलाक़ात की. इस बैठक में भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.
सहकारी समितियों का किया जा रहा है विस्तार
एनडीडबी ने मंत्री के सामने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें भारत की उस परिवर्तनकारी यात्रा पर प्रकाश डाला गया. जिसके तहत भारत दूध की कमी वाले देश से दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बन गया.
इस सफलता में NDDB और उसकी सहायक कंपनियों द्वारा निभाई गई अहम भूमिका और सहकारी रणनीतियों का योगदान रहा. जिसे राज्य और केंद्र सरकारों का भी पूरा समर्थन मिला.
इस ब्रीफिंग में भारतीय डेयरी क्षेत्र की वर्तमान स्थिति, किसानों पर केंद्रित पहलों और NDDB तथा उसकी सहायक कंपनियों द्वारा पूरी डेयरी मूल्य श्रृंखला में किए जा रहे नवाचारों पर भी रोशनी डाली गई.
साथ ही, NDDB डेयरी सर्विसेज़ द्वारा डेयरी सहकारी समितियों के वैकल्पिक स्वरूप (दुग्ध उत्पादक संगठन) को बढ़ावा देने में निभाई जा रही भूमिका पर भी विशेष ज़ोर दिया गया.
ये संगठन दुग्ध उत्पादकों को बाज़ार तक बेहतर पहुंच, दूध खरीद की पारदर्शी प्रणाली, उत्पादकता बढ़ाने वाली सेवाऐ, और साथ ही मज़बूत शासन व पेशेवर प्रबंधन प्रदान करते हैं.
मंत्री को ‘श्वेत क्रांति 2.0’ के बारे में भी जानकारी दी गई. इस पहल को NDDB द्वारा सहकारिता मंत्रालय और मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के तत्वावधान में सहकार से समृद्धि के विजन को साकार करने के लिए लागू किया जा रहा है.
इसके तहत उन क्षेत्रों में भी सहकारी समितियों का विस्तार किया जा रहा है जहाँ अब तक इनकी पहुँच नहीं थी, जिससे दूध खरीद में संगठित क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ रही है.
मंत्री ने NDDB और उसकी सहायक कंपनियों द्वारा लाखों ग्रामीण परिवारों को बेहतर आजीविका सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को पोषण प्रदान करने में निभाई जा रही भूमिका की सराहना की.
उन्होंने आगे मार्गदर्शन देते हुए कहा कि डेयरी क्षेत्र में विकास के अपार अवसर मौजूद हैं, और उन्होंने NDDB तथा उसकी सहायक कंपनियों की पहलों को आगे बढ़ाने में मंत्रालय की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया. ताकि डेयरी और उससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में और अधिक सकारात्मक बदलाव लाए जा सकें.











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