नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना 18-19 सितंबर 2026 को पशु पालन मेले के दौरान राज्य के प्रगतिशील पशुपालक किसानों को मुख्यमंत्री पुरस्कार देगी. एक्सटेंशन एजुकेशन के डायरेक्टर डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल ने इस सम्मान के विजेताओं की घोषणा कर दी है. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के एक्सटेंशन मॉडल के तहत जो पशु उत्पादन और उद्यमिता में नई तकनीकों को अपनाने पर केंद्रित है. किसानों को रोल मॉडल के ज़रिए प्रेरित करने के लिए ये पुरस्कार शुरू किए गए हैं.
आगे कहा कि आने वाले पशु पालन मेले के दौरान, प्रगतिशील पशुपालक किसानों को तीन कैटेगरी में CM अवॉर्ड दिए जाएंगे. इनोवेटिव कैटल फार्मर (नवाचारी पशुपालक), इनोवेटिव पोल्ट्री फार्मर (नवाचारी पोल्ट्री किसान) और पशु उत्पादों में वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) करने वाले उद्यमी.
किसे किस कैटेगरी में मिलेगा अवार्ड
▶️ श्री मुक्तसर साहिब जिले के गांव चौंतरा के रहने वाले श्री बलविंदर सिंह (पिता श्री सुरजीत सिंह) को इनोवेटिव कैटल फार्मर कैटेगरी में सम्मान मिलेगा.
▶️ उनका एक अच्छी तरह से मैनेज किया गया डेयरी फार्म है, जिसमें एडवांस्ड मशीनीकरण, ब्रीडिंग प्रोग्राम और रिकॉर्ड रखने की सुविधा है.
▶️ उनके फार्म में लगभग 90 गायें, बछिया और अच्छी नस्ल के जानवर हैं, जिनसे रोज़ाना लगभग 12 क्विंटल दूध मिलता है.
▶️ फार्म में एक मॉडर्न मिल्किंग पार्लर है ताकि कम से कम इंसानी संपर्क के साथ अच्छी क्वालिटी का दूध मिल सके.
▶️ संगरूर जिले के श्री राजेश गर्ग (पिता श्री चमन लाल) को इनोवेटिव पोल्ट्री फार्मर कैटेगरी में सम्मानित किया जाएगा.
▶️ उनका पोल्ट्री फार्म 15 एकड़ में फैला है और इसमें एनवायरनमेंट-कंट्रोल्ड शेड में 4,50,000 लेयर मुर्गियां और 2 लाख चूजे और ग्रोअर मुर्गियां हैं.
▶️ पर्यावरण के अनुकूल वेस्ट मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी अपनाने के लिए पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने उन्हें मान्यता दी है.
▶️ वे पास के अस्पताल में मरीज़ों को न्यूट्रिशनल सपोर्ट देकर समाज की सेवा भी करते हैं.
▶️ पशु उत्पादों में वैल्यू एडिशन (मूल्य संवर्धन) की कैटेगरी में तरनतारन जिले के हरिके के रहने वाले एस. जरनैल सिंह (पिता एस. जसवंत सिंह) को पुरस्कार मिलेगा.
▶️ वे लगभग 50,000 लीटर दूध की क्षमता वाली मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट चला रहे हैं.
▶️ वे दूध की प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स व मिठाइयां बनाने के लिए साइंटिफिक तरीकों का इस्तेमाल करते हैं.
▶️ साथ ही बाय-प्रोडक्ट्स भी बेचते हैं. इस पुरस्कार के साथ नकद राशि के अलावा एक पट्टिका, शॉल और प्रशस्ति-पत्र भी दिया जाता है.











