नई दिल्ली. वीआईपी का दूसरा राष्ट्रीय सेमिनार वेट्स इन आगामी 7 मई 2025 को चंडीगढ़ के होटल हयात रीजेंसी में आयोजित किया गया है. इस सेमिनार में देशभर के एक्सपर्ट इकट्ठा होंगे और पोल्ट्री सेक्टर को कैसे आगे ले जाया जाए, इसपर गहन चर्चा करते हुए नजर आएंगे. साथ ही पोल्ट्री सेक्टर के ग्रोथ करने में आ रही रुकावटों, पोल्ट्री प्रोडक्ट को बढ़ावा देने पर भी चर्चा होगी. साथ ही पोल्ट्री में बीमारियों को कैसे रोका जाए, इसका इलाज क्या है, इस पर भी एक्स्पर्ट अपनी राय रखेंगे. इस सेमिनार का रजिस्ट्रेशन वीआईपी की वेबसाइट पर हो रहा है.
वीआईपी ओर से बताया गया है कि इस बार दूसरे सेमिनार का विषय पोल्ट्री शिखर नवाचार, एकीकरण और उन्नति है. जिसके तहत तमाम मेहमान चर्चा करेंगे. सेमिनार में तमाम गेस्ट पैनल डिस्कशन में भी शिकरत करेंगे. जहां वो सवालों के जवाब देंगे. वहीं कुल 6 टॉपिक पर चर्चा होनी है. जिसमें एक्सपर्ट सब टॉपिक पर भी विचार रखेंगे.
बर्ड की इम्यूनिटी पर रखेंगे विचार
पहला टॉपिक आनुवंशिकी के माध्यम से पोल्ट्री की संभावनाओं को खोलना है. इस पर वेंकीज ग्रुप, पुणे के मुख्य सलाहकार डॉ. जीएल जैन अपने विचार रखेंगे. इसके अलावा वो जेनेटिक्स में उन्नति, आधुनिक ब्रॉयलर और लेयर अभिशाप या वरदान, पक्षियों की प्रतिरक्षा स्थिति, महत्वपूर्ण अंग विकास, जलवायु और उत्पादन तनाव के प्रति स्थिरता, अच्छा प्रदर्शन, नए उन्नत आनुवंशिक परिवर्तनों के लिए सामूहिक दृष्टिकोण और व्यावसायिक क्षमता को अधिकतम करना आदि विषय पर बात करेंगे.
बीमारियों से लड़ने पर मिलेगी जानकारी
दूसरा टॉपिक रोग चुनौतियों से निपटने को लेकर एक डिटेल जानकारी है. इस विषय पर वरिष्ठ पोल्ट्री सलाहकार और सलाहकार, कोयंबटूर डॉ. के जयरामन अपने विचार रखेंगे. डॉ. के जयरामन उभरती और फिर से उभरती बीमारियां, एनडी, आईबी, एआई, एमजी, माइकोप्लाज्मा, एचएसएन1, आईबीएच, माइकोटॉक्सिकोसिस, एएमपीवी, आईएलटी और अज्ञात, ब्रॉयलर, लेयर और ब्रीडर्स में वर्तमान रोग परिदृश्य, सटीक पोल्ट्री रोग निदान, भारत में एचपीएआई, सीएवी और आईएलटी टीकाकरण अनुमोदन स्थिति और जरूरत पर अपनी बात रखेंगे.
पोल्ट्री पर मिथक के बारे में बताएंगे
तीसरा टॉपिक स्वास्थ्य के लिए तकनीक, पोल्ट्री व्यवसाय में क्रांति होगा. इस विषय पर अंतर्राष्ट्रीय अंडा आयोग (आईईसी) के अध्यक्ष और श्रीनिवास हैचरीज प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद के एमडी सुरेश रायुडू चित्तूरी लोगों को संबोधित करेंगे. वो पोल्ट्री में एएल की मुख्य भूमिका, पोल्ट्री में मशीन लर्निंग और एएल, पूर्वानुमानित रोग विश्लेषण, फीड रूपांतरण अनुपात अनुकूलन, IOT-सक्षम रीयल-टाइम फ़ार्म मॉनिटरिंग, मांग पूर्वानुमान और इन्वेंट्री प्रबंधन, प्रौद्योगिकी सेंसर और डेटा एनालिटिक्स के साथ स्मार्ट फर्मिंग, आटोमेटिक प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वितरण, पोल्ट्री के बारे में मिथक, भ्रामक प्रचार,
वैज्ञानिक बिक्री, चिकन और अंडों में प्रोसेसिंग और मूल्य संवर्धन पर विचार रखेंगे.
इन विषयों पर भी होगी चर्चा
सेमिनार में चौथा विषय 2047 तक पोल्ट्री क्षेत्र को सशक्त बनाना है. जिसपर पशुपालन आयुक्त, पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी), मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय डॉ. अभिजीत मित्रा अपना विचार रखेंगे. जलवायु परिवर्तन को कम करना एक व्यापक दृष्टिकोण पर प्रो. डॉ. एन.के. महाजन, सेवानिवृत्त प्रोफेसर और पशु चिकित्सा सार्वजनिक स्वास्थ्य और महामारी विज्ञान विभाग के प्रमुख, लुवास, हिसार विचार रखेंगे. वहीं पैनल डिक्सशन में वर्षा जोशी, डॉ. एसके गुप्ता, डॉ. कामना, के सिंह राज, डॉ. अजय देशपांडे, के आनंद और बी राव शामिल होंगे.
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