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Dairy Farm : दूध भी नहीं होगा कम और भैंस भी रहेगी हेल्दी, गर्मी में आज ही कर लें पशु के आवास में ये काम

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प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. गर्मिों में दुधारू पशुओं की विशेष देखभाल एवं रख रखाव की आवश्यकता होती है. इस समय पर्यावरण का तापक्रम अधिक रहता है. जिसके कारण पशुओं का शारीरिक तापमान ज्यादा हो जाता है और वह तनाव में रहता है. ऐसी कंडीशन में पशु जरूरत के मुताबिक आहार नहीं ले पाते हैं. जबकि उनकी काम करने की क्षमता में कमी और बीमार पड़ने की संम्भावना बढ़ जाती है. गर्मी से पशु का दुग्ध उत्पादन, दुग्ध प्रक्रमण एवं व्यावसायीकरण पर नकारात्मक असर पड़ता है. दूध की मात्रा 8-10 प्रतिशत कम हो जाती है जिससे दूध के दाम की बढ़ोतरी होती है.

ऐसा नहीं की इसका प्रभाव सिर्फ मौसमी हो, अपितु पशु के औसत वार्षिक उत्पादन, दूध में प्रोटीन सामग्री, एस.एन.एफ़ मात्रा और बसा में कमी होती है जिससे दूध की गुणवत्ता घटती है. थनैला रोग और थन में संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है. जबकि प्रजनन दर में गिरावट होने के करण गर्भपात हो सकता है और अगर गर्भधारण होता है तो कमज़ोर बच्चे के जन्म होने की संम्भावना रहती है. पशु में उत्तेजना अनियमित काल में आती है, अतः अंडाशय में सिस्ट जैसे रोग उत्पन होते है. जिससे प्रजनन गुणवत्ता अपेक्षाकृत कम होती है. इसके अलावा अतिसार (दस्त) भी होता है.

गर्मी से पशुओं को बचाने के लिए क्या-कया करें

  • हर भैंस के लिए कम से कम 5.5 फीट चौड़ी और 10 फीट लम्बी पक्की जगह होनी चाहिए.
  • फर्श खुरदुरा होने के साथ नाली की सुविधा और उसके लिए सही ढलान बनाएं.
  • पशुओं के आवास की छत 15 फीट ऊंची होनी चाहिए. यह ईंट या फूस की हो सकती है. छत को पुआल या पत्ते से ढकना चाहिए, इससे आवास के अन्दर गर्मी को कम कर सकते है. ध्यान रहे की पशु घर तीन तरफ से खुला हो. केवल पश्चिम दिशा में दीवार रहे. पशु घर की छत की ऊंचाई पर 3 x 1.5 फीट के खुले रोशनदान आवश्यक है ताकि ताजी हवा आ सके. दिन के समय खिड़की या घर के खुले भाग में बोरी डके और पानी से समय- समय पर भिगोना चाहिए.
  • पशु घर की पश्चिमी दीवार पर 2 फीट चौड़ी और 1.5 फीट गहरी नांद बनाएं. नांद का आधार भूतल से 1 फीट ऊपर रहे. नांद के साथ स्वच्छ जल की व्यव्स्था होना आवश्यक है.
  • दोपहर के समय पशुओं को घर के अन्दर या पेड़ की छांव के नीचे रखना चाहिए.
  • पशु आवास में आसपास घास या पेड़ रहना चाहिए, इससे आवास के अन्दर गर्मी कम होती है. पूर्वी दिशा में पशुओं के घूमने का क्षेत्र बना हो तथा इस क्षेत्र में 2-3 छायादार वृक्ष लगाने चाहिए. अधिक दूध देने वाली गाय या भैंस के लिए पंखा आवश्यक है. बाज़ार में एसी मशीन उपलब्ध है जो स्वचालित प्रशीतलन प्रणाली (Automatic Cooling System) द्वारा पशु आवास को ठण्डा रखती है. एक मशीन 4-10 पशु के लिए पर्याप्त है.
    Written by
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