Home पशुपालन Sheep Farming: इन 4 प्वाइंट में जानिए भेड़ पालन से कैसे कर सकते हैं भरपूर कमाई, मीट के साथ मिलती है ऊन
पशुपालन

Sheep Farming: इन 4 प्वाइंट में जानिए भेड़ पालन से कैसे कर सकते हैं भरपूर कमाई, मीट के साथ मिलती है ऊन

ganjam sheep breed
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. भेड़ पालन पशुपालन की ही एक शाखा है. इसका पालन अच्छी नस्लों की देसी-विदेशी और शंकर प्रजातियों का चुनाव करके किया जाता है. भेड़ का 12 से 48 घंटे का रतिकाल होता है. सुबह 7 से 10 बजे तक शाम से 3 बजे भेड़ों को चाराना चाहिए. दोपहर में पहले आराम देना बेहतर होता है. भेड़ के बच्चे को पैदा होने के तुरंत बाद फेनसा पिलाना भी बेहतर माना जाता है. भेड़ पालने से किसानों को दो तरह से फायदा होता है. एक तो वह मीट बेचकर इससे कमाई करते हैं. साथ ही ऊन से भी अच्छी खासी कमाई होती है. जिन किसानों के पास काम खेत है. वह भेड़ पालन करके अपनी आय को दोगना कर सकते हैं.

भेड़ के जीवन की बात की जाए तो भेड़ जुगाली करने वाला छोटा पशु है. यह प्याज पत्ता खाता है. जिससे ऊन व मांस बनता है. सामान्यत भारी बारिश भेड़ों के लिए अच्छी नहीं होती है. खुश्क व कम वर्षा के साथ ठंडी जलवायु भेड़ों को स्वस्थ रखने में सहायक होती है. भेड़े कीचड़ आदि पसन्द नहीं करती. भेड़ों में अपने मालिक के पीछे 2 चलने की स्वाभाविक आदत होती है और भेड़ पालक खेतों और चारागाहों में उनको इक‌ट्ठा करने में उनकी इस आदत का लाभ उठाते हैं. भेड़ की सामान्य आयु 10-12 साल समझी जाती है, परन्तु मेढ़े या भेड़ें किस आयु तक उपयोगी रहती है यह उनकी नस्ल और हाट की परिस्थितियों पर निर्भर करता है.

भेड़ पालन से लाभ उठाने के लिए ध्यान देने योग्य बातें

  • यदि भेड़ पालन से लाभ उठाना हो तो भेड़ पालक को आवश्यकता से अधिक ऐसे सब मेढे़ व भेड़े बेच देने चाहिए जो नियमित रूप से बच्चे नहीं देती या जिनका ऊन उत्पादन कम हो गया है.
  • 30-40 भेड़ों को प्रजनन के लिए एक मेढ़ा काफी है. इसलिए साल में पैदा हुए नर मेमनों मे से प्रजनन के लिए आवश्यक एक मेमने को रखने के बाद बाकी सभी मेमनों को मांस के लिए बेच देना चाहिए.
  • नर मेमनों को उस समय बेचना फायदेमंद होता है, जब उन्होंने मां का दूध पीना छोड़ दिया हो और वे पूरे बढ़ चुके हों, परन्तु उनकी आयु प्रजनन योग्य न हो.
    • यह बात विशेष रूप से याद रखनी चाहिए, कि भेड़ों को ऊन व मांस उत्पादन के लिए पाला जाता है. इसलिए एक अच्छा भेड़ पालक इस बात का ध्यान रखेगा कि भेड़ें अच्छी पैदा हो और उन्हें बेकार मरने न दें बल्कि मांस के रूप में काम लाया जाए.
    Written by
    Livestock Animal News Team

    Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

    Related Articles

    दो महीने का टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिससे रोग के प्रसार को समय रहते रोका जा सके.
    पशुपालन

    Lumpy Skin Disease: पशु से लंपी बीमारी को दूर कर देंगी ये जड़ी-बूटियां, कुछ दिनों में मिलेगा आराम

    नई दिल्ली. एलएसडी यानि लंपी स्किन डिजीज (Lumply Skin Disease) एक विषाणु...

    cow and buffalo farming
    पशुपालन

    Animal Husbandry: लंपी स्किन डिजीज में गाय-भैंस का खुद न करें उपचार, पशु चिकित्सक से लें सलाह

    नई दिल्ली. लंपी स्किन डिजीज गाय-भैंस के लिए बड़ा खतरा है. वहीं...

    CIRB will double the meat production in buffaloes, know what is the research on which work is going on. livestockanimalnews animal Husbandry
    पशुपालन

    Animal News: पशुपालन में फेल नहीं होना चाहते हैं तो पहले सीख लें बारीकियां

    नई दिल्ली. पशुपालन का काम अच्छा है और इससे किसानों की इनकम...

    जाफराबादी भैंस गुजरात के जूनागढ़, भावनगर और अमरेली जिलों में पाई जाती है.
    पशुपालनसरकारी स्की‍म

    Animal Husbandry News: पशुओं की सेवा के साथ कॅरियर बनाने का मौका देता है ये डिप्लोमा

    नई दिल्ली. पशुपालन का काम तेजी से बढ़ रहा है. इसलिए पशुपालन...