Home पोल्ट्री Poultry Farming: ये काम करें तो तेजी के साथ बढ़ेगा चूजों का वजन, पोल्ट्री फार्मिंग में होगा अच्छा मुनाफा
पोल्ट्री

Poultry Farming: ये काम करें तो तेजी के साथ बढ़ेगा चूजों का वजन, पोल्ट्री फार्मिंग में होगा अच्छा मुनाफा

अधिकांश पोल्ट्री प्रजातियों की चोंच एक बहुत ही विशिष्ट अंग है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

नई दिल्ली. अगर चूजों की सही ग्रोथ नहीं होती है तो फिर पोल्ट्री फार्मिंग में ज्यादा फायदा नहीं होता है. इसलिए जरूरी है कि उनकी ग्रोथ कम न होने दी जाए. गौरतलब है कि अक्सर फार्मर्स की शिकायत रहती है कि उनके चूजे कमजोर हो जाते हैं और फॉर्म में मृत्युदर भी दिखाई देती है. यहां हम आपको ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं जिससे चूजा तंदुरुस्त भी रहेगा और उसमें मृत्यु दर भी नहीं दिखाई देगी. जिससे आगे चलकर आपको पोल्ट्री फार्मिंग के बिजनेस में अच्छा फायदा कमाने का मौका मिलेगा, तो आइए जानते हैं आखिर ऐसा क्या करना है जिससे चूजों की सही ग्रोथ हो जाएगी.

क्या आपके भी फॉर्म में कभी इस तरह की शिकायत आई है कि आपके चूजे दाना नहीं खा रहे हैं, पानी नहीं पी रहे हैं और उनका वजन धीरे-धीरे बढ़ रहा है. क्योंकि आमतौर पर ऐसा पोल्ट्री फार्मर्स कहते हैं कि उनके फार्म के अंदर चूजों के साथ ऐसा ही हुआ है. यहां हम आपको ऐसी दवा के बारे में बताने जा रहे हैं, अगर आप हर 15 से 20 दिन के गैप पर तीन दिनों तक चूजों को देते हैं तो इससे उनकी ग्रोथ अच्छी होगी और उनमें मृत्युदर भी नहीं दिखाई देगी.

क्या होता है इन दवाओं में
आप मुर्गियों को आस्ट्रोवेट नाम की दवा दे सकते हैं और एक दूसरी दवा है विमरल. ये दोनों ही दवा आपको पास की वेटरनरी मेडिकल स्टोर से उपलब्ध हो जाएगी. 500 एमएल आस्ट्रोवेट और 60 एमएल विमरल लेना है. इसको लाने के बाद दोनों दावों को अच्छी तरह से मिला लेना है. इन दोनों का मिश्रण बहुत ही पावरफुल होता है. आप देसी मुर्गों को इसे देंगे तो जबरदस्त फायदा नजर आएगा. बता दें कि आस्ट्रोवेट में कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन डी, विटामिन बी 12 और कार्बोहाइड्रेट होता है. जबकि विमरल में विटामिन ए, विटामिन डी, विटामिन बी 12 होता है.

ग्रोथ प्रमोटर का काम करेगा ये मिश्रण
इसी वजह से इन दोनों दवाओं का मिश्रण एक बेहतरीन ग्रोथ प्रमोटर का काम करता है. कई बार ऐसा होता है कि फीड के अंदर कमी हो जाती है. जिसकी वजह से चूजों की ग्रोथ नहीं हो पाती है लेकिन यह दवा मिलकर देंगे तो फिर इसे उनका वजन तेजी के साथ बढ़ता है. वहीं 15 से 20 दिन के गैप पर 3 दिन ये दवा देना है. इसे चूजों को पानी में देना होता है. 1 लीटर पानी में 15 मिली लीटर दवा डालना पड़ेगा. इसी तरीके से आपके चूजे या मुर्गी—मुर्गियां जितना भी दिन भर में पानी पीते हैं प्रति लीटर के हिसाब से 15 एमएल दवा बढ़ा देना है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पोल्ट्री के इस बिजनेस में कई ऐसी नस्ल हैं, जो अच्छा अंडे का उत्पादन करती हैं और उनका मीट भी बेहद पसंद किया जाता है.
पोल्ट्री

Poultry: नवंबर में मुर्गियों को इन तीन बीमारियों का है खतरा, हो जाएं सतर्क

नई दिल्ली. अगर आप मुर्गी पालक हैं तो खबरदार हो जाइए. क्यों...

chicken and egg rate
पोल्ट्री

Poultry: पोल्ट्री सेक्टर में घट रहे मुनाफे की क्या वजह गिना रहे हैं एक्सपर्ट

नई दिल्ली. पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय मथुरा के पोल्ट्री विज्ञान...

Poultry farming: Not only airborne infections, but also water can spread disease in chickens, Livestocknews.com
पोल्ट्रीसरकारी स्की‍म

Poultry Farming Scheme: यूपी में बैकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग करने के लिए सरकार दे रही है आर्थिक मदद

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में महिलाओं को कमाई का जरिया...

पोल्ट्री

Poultry Farming: मुर्गियां अंडों का उत्पादन कम करें तो तुरंत उठाएं ये जरूरी कदम, नहीं होगा नुकसान

नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में अक्सर ये देखने को मिलता है कि...