नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में ज्यादा घातक और रोगजनक एविएन इन्फ्लूएंजा बीमारी से पोल्ट्री बर्ड के बचाव के लिए वैक्सीनेशन बेहद ही अहम है. वैक्सीन देने से 90 से 100 फीसद तक पोल्ट्री फार्मिंग में बर्ड की मृत्यु दर को रोका जा सकता है. हाल ही में HPAI वैक्सीन के इंपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग के लिए मंजूरी मिलने से भारत में बर्ड फ्लू के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है और इससे पोल्ट्री फार्मिंग में होने वाले नुकसान से भी पोल्ट्री फार्मर को बचाया जा सकता है. इससे पोल्ट्री कारोबार और तेजी के साथ आगे बढ़ने की उम्मीद एक्सपर्ट जता रहे हैं.
पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया (PFI) की कोर टीम जिसमें प्रेसिडेंट रणपाल ढांडा, वाइस प्रेसिडेंट (HQ) संजीव गुप्ता और जॉइंट सेक्रेटरी रिकी थापर शामिल थे, को पुणे स्थित बर्ग एंड श्मिट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के दौरे के दौरान, प्रीमियर चिक फीड्स प्राइवेट लिमिटेड के MD डॉ. गिरीश कोलवणकर ने टीम को अलीबाग स्थित अपने हेड ऑफिस में लंच के लिए आमंत्रित किया. जहां पोल्ट्री फार्मिंग बिजनेस को लेकर बहुत ही गहन चर्चा हुई.
PFI के कामों की सराहना
डॉ. गिरीश कोलवणकर ने PFI द्वारा किए जा रहे अच्छे कामों, खासकर HPAI वैक्सीन के इम्पोर्ट/मैन्युफैक्चरिंग के लिए हाल ही में मिली मंज़ूरी की सराहना की.
डॉ. कोलवणकर ने 23-24 सितंबर 2026 को होटल ग्रैंड हयात, कोच्चि, केरल में होने वाली 37वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शामिल होने की पुष्टि की.
साथ ही वे “इंटीग्रेशन को सिस्टमैटाइज़ कैसे करें” (How to Systemise Integration) विषय पर एक संक्षिप्त प्रेजेंटेशन देने की बात कही
इंडस्ट्री में उनका व्यापक अनुभव और कुशल, टिकाऊ और पेशेवर तरीके से मैनेज किए जाने वाले इंटीग्रेशन मॉडल बनाने की व्यावहारिक समझ निश्चित रूप से डेलीगेट्स के लिए बहुत मूल्यवान साबित होगी.
PFI की AGM हमेशा से ही भारत के पोल्ट्री उद्योग के भविष्य पर जानकारी साझा करने, नेटवर्किंग और मिलकर चर्चा करने का एक प्रमुख मंच रही है.
हम कोच्चि में दो दिनों की सार्थक चर्चा और मूल्यवान सीख के लिए इंडस्ट्री लीडर्स, इंटीग्रेटर्स, ब्रीडर्स, फीड मैन्युफैक्चरर्स और संबंधित सेक्टर के प्रोफेशनल्स का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं.
आइए, हम सब मिलकर सहयोग, इनोवेशन और बेहतरीन मैनेजमेंट प्रैक्टिस के ज़रिए पोल्ट्री उद्योग को मज़बूत बनाएंगे.












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