नई दिल्ली. पोल्ट्री फार्मिंग में ठंड के दौरान मुर्गी फार्म का बिछावन सूखा रखना बेहद ही जरूरी होता है. क्योंकि कई बार फॉर्म सूखा न होने की वजह से नमी ज्यादा हो जाती है. इससे फार्म के अंदर अमोनिया गैस बनती है और इसके चलते मुर्गियों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है. एक्सपर्ट का कहना है कि मुर्गी फार्म के बिछौने के तौर पर हमेशा ही धान की भूसी या लकड़ी का बुरादा बिछाते रहें. क्योंकि ये बेहतर विकल्प होता है. हालांकि इसमें इस बात का ध्यान रखें कि हर दिन इस बिछावन को उलट-पलट दें.
यदि आप बिछावन को उलट पलट कर देते हैं तो इसका फायदा यह होगा कि इससे कोई गैस नहीं बनेगी और मुर्गियों को परेशानियों से बचाया जा सकेगा. इसे कुछ दिनों के बाद बदल देना भी बेहद जरूरी होता है. क्योंकि ज्यादा पुराने बिछावन से भी मुर्गियों को कई परेशानियां होती हैं.
इन बातों पर जरूर दें ध्या
पोल्ट्री फार्म में बायो सिक्योरिटी बेहद जरूरी है. क्योंकि ठंड के समय में मुर्गियों में रानीखेत और कॉक्सीडियोसिस जैसी बीमारियां हो जाती हैं.
ऐसे में पशु चिकित्सक सलाह देते हैं कि बायो सिक्योरिटी के साथ मुर्गियों को वैक्सीनेशन समय करवा देना चाहिए.
इस बात कभी ख्याल रखना है कि बाहर की मुर्गियां पोल्ट्री फार्म के अंदर ना आएं और इसकी भी व्यवस्था करना चाहिए.
वहीं बाहरी लोगों को भी पोल्ट्री फार्म के अंदर आने की इजाजत नहीं देना चाहिए. क्योंकि उनके साथ खतरनाक बैक्टीरिया आ जाते हैं. जिससे मुर्गियों में बीमारियां हो सकती हैं.
वहीं मुर्गी घर के बाहर चूना पाउडर जरूर डाल देना चाहिए. ताकि बाहर के कीटाणु मुर्गी फार्म के अंदर ना सकें.
पोल्ट्री फार्म को हमेशा साफ रखना चाहिए और मुर्गियों को जिन बर्तनों में दाना पानी देते हैं, वह बर्तन भी साफ होना चाहिए.
मुर्गियों को हमेशा साफ पानी पिलाना चाहिए, क्योंकि गंदा पानी भी मुर्गियों को बीमार कर सकता है.
निष्कर्ष
यदि आप जैविक सुरक्षा का ध्यान देते हैं और मुर्गी पालन के लिए बताई गई बातों का ध्यान देते हैं तो इससे मुर्गियों को बीमारियों से बचा सकते हैं.










