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Animal News: देसी पशुओं को बचाने के लिए इस राज्य ने उठाया बड़ा कदम, स्वास्थ्य सेवा में भी किया सुधार

गर्मियों में पशु बहुत जल्द बीमार होते हैं. अगर ठीक से इनकी देखरेख कर ली जाए तो हम पशुओं को बीमार होने से बचा सकते हैं.
प्रतीकात्मक फोटो.

नई दिल्ली. सरकार इस बात को समझती है कि पशुपालन को बढ़ावा देना बेहद ही जरूरी है. वहीं देसी पशुओं का संरक्षण करना भी उतना ही जरूरी हैं. क्यों देसी पशु देश के मौसम के लिहाज से खुद को ढाल लेते हैं. इससे उनके दूध उत्पादन पर असर नहीं पड़ता है. वहीं विदेशी पशु भले ही ज्यादा दूध का उत्पादन करें लेकिन ज्यादा ठंड या फिर ज्यादा गर्मी में उतने सहनशील नहीं होते हें. शायद यही वजह है कि राजस्थान सरकार की ओर देसी पशु पशुओं के संरक्षण के लिए एक बेहतरीन पहल की गई है. राजस्थान सरकार ने इसके लिए बड़ा कदम उठाया है.

सरकार की ओर ऐलान किया गया है कि राज्य के पाली जिले में देसी पशुओं के संरक्षण और संवर्द्धन के मकसद से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इंडिजिनस फार्म की स्थापना की जाएगी. ताकि देसी पशुओं को संरक्षित किया जा सके.

10 करोड़ रुपए किए जाएंगे खर्च
राजस्थान की विधान सभा में वित्त एवं विनियोग विधेयक पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पशुपालन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं. इन्हीं घोषणाओं में से मुख्यमंत्री ने पशुपालन के क्षेत्र में एक बड़ा ऐलान किया और घोषणा करते हुए बताया कि पाली जिले में देसी पशुओं के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इंडिजिनस फार्म की स्थापना की जाएगी. जिससे प्रदेश में देशी पशुओं की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसकी स्थापना में 10 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे. बता दें कि सरकार की इस पहल से डेयरी पशुओं का दूध उत्पादन भी बढ़ेगा. इससे राज्य में दूध उत्पादन और जयादा बढ़ेगा. जिसका फायदा पशुपालकों को भी होगा.

गौशालाओं को दिए 1233 करोड़ रुपए
सीएम भजनलाल शर्मा ने राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूत करने के लिए भी अहम ऐलान किया गया है. बताया गया कि प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय, बग्गड़, झंझुनू, और गंगापुर, भीलवाड़ा को पॉलीक्लिनीक में बावड़ी खुर्द पशु चिकित्सालय, फलौदी को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय तथा पशु उप चिकित्सा केंद्र धीरपुरा, जोधपुर को पशु चिकित्सालय में प्रमोट करने की घोषणा की गई. सीएम ने बताया कि एक साल में गौशालाओं को 1233 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है. गौशालाओं में गायों का अच्छे ढंग से ख्याल रखा गया है. मुख्यमंत्री ने राजसमंद में निष्क्रमणीय पशुपालक विद्यालय खोले जाने की भी घोषणा की. मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि महिलाओं को संबल देकर प्रत्येक क्षेत्र में प्रोत्साहित करने की दृष्टि से दस पशु सखियों को सम्मानित किया जाएगा और उनकी कार्यकुशलता में वृद्धि के लिए टैबलेट प्रदान किया जाएगा.

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