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Sheep Disease: फुट रॉट से भेड़ पालन में होता बड़ा नुकसान, ऊन और मांस उत्पादन पर पड़ता है असर

गोट एक्सपर्ट का कहना है कि एक से तीन महीने के बीच मेमना पालन की बात की जाए तो पहले महीने में शरीर का वजन सात किलोग्राम होता है.
मुजफ्फरनगरी भेड़ की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. भेड़ पालन में अक्सर भेड़ों को फुट रॉट यानी खुर सड़न की बीमारी का सामना करना पड़ता है. जान लें कि यह एक बेहद संक्रामक और भेड़ पालन में आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने वाली बीमारी है. ये मुख्य रूप से डाइचेलोबैक्टर नोडोसस और फ्यूसोबैक्टीरियम नेक्रोफोर नाम के बैक्टीरिया के कारण होती है. जब भेड़ के शेड में गीली और गंदगी जगह होती है तो इसके बैक्टीरिया पनपते हैं और भेड़ों को अपनी चपेट में ले लेते हैं. इससे भेड़ तेज दर्द और लंगड़ेपन का शिकार हो जाती हैं. ठीक से चल नहीं पाती हैं और उनका वजन तेजी से घटता है.

ऐसे में अगर आप भेड़ का पालन ऊन और मांस उत्पादन के लिए कर रहे हैं तो दोनों का उत्पादन घट जाएगा. वहीं दूध देने वाली भेड़ें दूध उत्पादन में भी कमी कर देती हैं. नतीजतन आपको भेड़ पालन में हर तरह से नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालांकि इस बीमारी से भेड़ों के झुंड को बचाया भी जा सकता है. इसके लिए पशु पालकों को कुछ उपाय अपनाने होंगे.

कैसे बचाएं फुट रॉट बीमारी से
फुट रॉड बीमारी से बचाने के लिए भेड़ों के खुर की समय-समय पर सफाई करना चाहिए.

अतिरिक्त बढ़ गए खुर को तुरंत काटना चाहिए. ताकि उनमें कीचड़ या नमी न लगे.

भेड़ों को हमेशा ऊंची और साफ और सूखी जगह पर बांधना फायदेमंद होता है.

गीले, कीचड़ वाले गंदे स्थान पर बांधने से बचना चाहिए. क्योंकि नमी और गंदगी में ही बैक्टीरिया होते हैं.

भेड़ के शेड में बालू मिट्टी डालें. हर 7 दिन पर चूने का छिड़काव करते रहें. जिससे बचाव संभव है.

फुट बॉट करना भी फायदेमंद होता है. हेल्दी भेड़ के पैरों को कीटाणु नाशक गोल से गुजारना चाहिए.

जैसे 10 फीसद जिंक सल्फेट, चार प्रतिशत फॉर्मलीन या लाल दवा के गोल से बने फुट बॉथ से गुजारना चाहिए.

यदि शेड के अंदर कोई भी पशु संक्रमित है. उसके खुर में सड़न है, लंगड़ापन नजर आ रहा है तो तुरंत ही स्वस्थ पशुओं से अलग कर दें.

जब भी नया पशु खरीद कर लाएं तो खुरों की अच्छी तरह से जांच करें. कम से कम दो सप्ताह तक अपने झुंड से अलग रखें.

निष्कर्ष
ये कुछ उपाय हैं. जिनसे आप भेड़ को फुट रॉट बीमारी से बचा सकते हैं. इससे आपको भेड़ पालन में नुकसान नहीं होगा और यह करना बेहद ही जरूरी भी है.

Written by
Livestock Animal News Team

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