Home डेयरी Dairy: डेयरी फार्म में पशुओं का रिकॉर्ड रखने के हैं कई फायदे, पढ़ें यहां
डेयरी

Dairy: डेयरी फार्म में पशुओं का रिकॉर्ड रखने के हैं कई फायदे, पढ़ें यहां

livestock animal news
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. डेयरी कारोबार को कामयाब करने के लिए पशुओं का सेहतमंद होना जरूरी है. पशुओं के उत्पादन पर लगातार नजर बनाए रखना जरूरी है. ये देखना भी जरूरी है कि पशुओं का उत्पादन किस वजह से घट रहा है. अगर इन सब बातों पर ध्यान दे दिया जाए तो फिर प्रोडक्शन में कमी नहीं हो पाएगी. हालांकि ये तभी संभव होगा जब आप पशुओं का तमाम रिकॉर्ड दर्ज करें. एक्सपर्ट का कहना है कि डेयरी फार्म का रिकॉर्ड रखने का कई फायदा है. एक्सपर्ट के मुताबिक इससे डेयरी फार्म की दक्षता और उत्पादकता में सुधार करने में मदद भी मिलती है.

वहीं अगर डेयरी फार्म को लेकर कोई निर्णय लेना चाहते हैं तो वो भी ले सकते हैं. इसलिए आपके पास डेयरी फार्म के विश्वसनीय डेटा की आवश्यकता होती है.

फायदों के बारे में पढ़ें यहां
रिकॉर्ड आपको अच्छा प्रदर्शन करने वाली गायों को बनाए रखने में और निर्बल प्रदर्शन करने वाली गायों को निकालने में मदद करते हैं. पशुओं की वंशावली और स्टोरी रिकॉर्ड का प्रभावी रखरखाव किया जा सकता है. प्रजनन की परेशानियों रोकथाम के लिए बेहतर प्रजनन योजना तैयार की जा सकती है. सांडों प्रोजेनी परीक्षण किया जा सकता है. आहार लागत (उत्पादन) निवेश आदि के आधार पर लागत-लाम विश्लेषण किया जा सकता है. उत्पादन के लिए आर्थिक पोषण रणनीतियां बनाई जा सकती हैं. हर पशु की पोषण आवश्यकता की निगरानी, पशु के स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण की निगरानी, बछड़ों के टीकाकरण कार्यक्रम को निगरानी और झुंड के प्रदर्शन को वर्ष दर वर्ष का तुलना की जा सकती है.

पशुओं की पहचान का रिकॉर्ड
एक सफल डेयरी फार्म के लिए आवश्यक रिकॉर्ड पशुओं को विशिष्ट पहचान, पहचान (आईडी) संख्या (जन्म खरीद तिथि), सागर (सांड) संख्या (डेम) गाय (संख्या) बछड़ा और उसका लिंग (व्याने की तारीख), दुग्ध उत्पादन रिकॉर्ड (ड्राई होने की तारीख), बिक्री/नीलामी मृत्यु की तारीख. बछड़े का रिकॉर्ड (बछड़ा सख्या), जन्म तिथि, बछड़े का लिंग (सागर संख्या) डेम संख्या, जन्म बजन, नियमित अंतराल पर बजन आदि। प्रत्येक पशु के दैनिक दूध उत्पादन का रिकॉर्ड. पशुओं को प्रतिदिन दी जाने वाली अनाज की मात्रा (सूखा चारा), हरा चारा आदि का आहार रिकॉर्ड. रोगग्रस्त पशुओं का स्वास्थ्य रिकॉर्ड लक्षण (रोग का निदान), उपचार और इलाज करने वाले पशु चिकित्स्क का नाम आदि.

कर्मचारियों के भी रखें रिकॉर्ड
वहीं फार्म में प्रजनन प्रथाओं की डिटेल जैसे कि पशु संख्या (ब्याने की तिथि), होट में आने की तिथि और सेवाएं (कृत्रिम या प्राकृतिक गर्भाधान सेवा) के साथ-साथ सांड संख्या (सफल सेवा की तिथि), गर्भावस्था निदान रिकॉर्ड (बछड़े को जन्म की वास्तविक तिथि, अपेक्षित तिथि) बछड़ा संख्या आदि. डेयरी उपकरणों के रिकॉर्ड, कर्मचारियों और वाहन आदि के रिकॉर्ड, विभिन्न फसलों के अंतर्गत चारा खेत क्षेत्र का अभिलेख (प्रयुक्त बीजों की किस्में) कृषि संबंधी पद्धतियों का पालन और चारा उपज आदि.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy News: दक्षिण एशिया की पहली जैविक महिला डेयरी सहकारी समिति बनाई गई

नई दिल्ली. शिलांग में मेघालय सरकार, MEGNOLIA और IFOAM ऑर्गेनिक्स एशिया (IFOAM...

Animal Husbandry: Farmers will be able to buy vaccines made from the semen of M-29 buffalo clone, buffalo will give 29 liters of milk at one go.
डेयरी

Dairy News: डेयरी कोऑपरेटिव चेन से डेयरी किसानों को सही दाम और आम लोगों ​को मिलता है शुद्ध दूध

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड एक ऐसी संस्था है जो देशभर...