नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग का पूरा का पूरा बिजनेस पशु के दूध उत्पादन से जुड़ा होता है. वहीं पशु तब जाकर ज्यादा दूध उत्पादन कर पाता जब उसकी सेहत ठीक रहती है. इसका मतलब ये है कि पशुओं की सेहत अच्छी रहनी चाहिए. अगर सेहत खराब हुई तो उत्पादन खराब हो जाएगा और इससे डेयरी फार्मिंग में होने वाला फायदा नुकसान में तब्दील हो जाएगा. हालांकि पशुओं की सेहत को सही रखने यानि उन्हें हैल्दी रखने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है. कुछ आसान से उपाय हैं, जिन्हें अपनाकर पशुओं से अच्छा उत्पादन लिया जा सकता है.
यदि आप भी पशुपालक हैं और डेयरी फार्मिंग कर रहे हैं तो ये पांच उपाय हो सकता है कि आप करते भी हों लेकिन आपको मालूम न हो. यदि आप कर रहे हैं तो करते रहें लेकिन इसके बारे में जानकारी नहीं है तो यहां जानें और इसके साथ ही इस काम को तुरंत करना शुरू कर दें.
उपाय क्या हैं यहा जानें
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशुओं के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है. तभी उनकी अच्छी सेहत होगी.
संतुलित आहार के तौर पर हरा चारा, सूखा चारा, दाना, मिनरल मिक्सचर और साफ पानी हमेशा उपलब्ध रखें.
समय पर टीकाकरण करना बेहद ही अहम है, क्योंकि इससे पशु कई बीमारियों से बच जाते हैं. उनकी सेहत अच्छी रहती है.
खासकर FMD, HS, BQ, गलघोंटू जैसी बीमारियों का टीका समय पर लगवाएं. इसमें लापरवाही से नुकसान हो सकता है.
पशु को हैल्दी रखने के लिए सबसे अहम कामों में शेड और पशु की साफ-सफाई का सही से ध्यान रखना है.
एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि पशु शेड और पशुओं की सफाई से कई बीमारियों से बचाव होता है.
पशुओं की नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच होनी चाहिए. ताकि बीमारियों का पता लगाकर वक्त रहते इलाज किया जा सके.
पशुओं की नियमित जांच कराएं और किसी भी समस्या में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें.
साफ पानी पिलाना बेहद ही जरूरी होता है. एनिमल एक्सपर्ट कहते हैं कि दिन में 3-4 बार साफ और ठंडा पानी पिलाएं, इससे दूध उत्पादन बढ़ता है.ं
निष्कर्ष
इसके अलावा पशुओं का मख्खी-मच्छरों से बचाव करना भी जरूरी हे. पशुओं को ठंड और गर्मी से सुरक्षा दें. दोनों ही मौसम में उन्हें दिक्कतें होती हैं. वहीं पशुओं को तनाव मुक्त वातावरण दें. यदि ये काम कर लेते हैं तो फिर उत्पादन बेहतर मिलेगा और फायदा भी ज्यादा होगा.









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