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Dairy: श्रीलंका-केन्या के बाद अब ये देश भी डेयरी सेक्टर को बढ़ाने के लिए इंडियन टेक्नोलॉजी करेगा इस्तेमाल

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भारत पहुंचा इथियोपिया प्रतिनिधिमंडल.

नई दिल्ली. इंडियन डेयरी की टेक्नोलॉजी का लोहा पूरी दुनिया अब मान रही है. दुनियाभर के कई देश डेयरी सेक्टर में इंडियन टेक्नोलॉजी को समझने और इसको अपने देश में लागू करके डेयरी सेक्टर को रफ्तार देने में जुटे हुए हैं. इंडिया टेक्नोलॉजी को लेकर पहले ही श्रीलंका और केन्या कई कार्यक्रम चला रहे हैं ताकि उनके देश में डेयरी कारोबार और बढ़ाया दिया जा सके और लोगों को रोजगार मिल सके. इस क्रम में इथियोपिया के प्रतिनिधिमंडल ने कई डेयरी प्लांट का दौरा किया.

बिरुक्तायत अस्सेफा बेत्रमारियम और करिश्मा वास्ती के नेतृत्व में विश्व बैंक की एक टीम एंडेशॉ असेफा के नेतृत्व में कृषि मंत्रालय, इथियोपिया के प्रतिनिधियों के साथ संभावित सहयोग पर चर्चा करने के लिए भारत का दौरा किया. इस दौरान एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश सी शाह से मुलाकात की. प्रतिनिधि मंडल ने इथियोपिया के डेयरी नेटवर्क को बढ़ाने के लिए सहयोग और इंडियन टेक्नोलॉजी अपने देश में कैसे डेवलप करें इसके बारे में भी विस्तार से चर्चा की. वहीं इथियोपिया में पशुधन और मत्स्य पालन क्षेत्र विकास परियोजना के दूसरे चरण के लिए भारत के सफल डेयरी सहकारी मॉडल का लाभ उठाने की बात कही.

अपने अनुभवों को किया शेयर
इस दौरान डॉ. शाह ने सहकारी प्रयासों के माध्यम से कुशल खरीद, प्रोसेसिंग और सेलिंग पर जोर देते हुए एनडीडीबी की पहलों के बारे में जानकारी दी. कहा कि कुशल खरीद, प्रोसेसिंग और सेलिंग की वजह से ही आज भारत का डेयरी उद्योग में पूरे विश्व में डंका बज रहा है. ये सभी के प्रयासों से सफल हो सका है. उन्होंने कहा कि ये तमाम प्रयासों ने ही भारत को विश्व स्तर पर सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना दिया है. डॉ शाह ने इथियोपिया में कैसे डेयरी उद्योग को बढ़ाया जाए इसके बारे में तमाम अनुभवों को शेयर किया.

कई प्लांटों का किया दौरा
डॉ. शाह ने एकीकृत विस्तार सेवाओं पर प्रकाश डाला और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए प्रौद्योगिकी स्वदेशीकरण के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने का स्वदेशी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके डेयरी उद्योग को बढ़ावा दिया जा सकता है. इससे देश के कई वर्ग को फायदा होता है. वहीं अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान, टीम ने मुजकुवा गांव और अन्य प्रमुख संस्थानों- अमूल संयंत्र, एनडीडीबी की ओपीयू आईवीईपी सुविधा, आईडीएमसी लिमिटेड, सीएएलएफ, ग्रामीण प्रबंधन संस्थान आनंद आदि का दौरा करते हुए भारतीय डेयरी सहकारी मूल्य श्रृंखला का प्रत्यक्ष अनुभव किया.

Written by
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