Home डेयरी Dairy: कुलदीप अपने डेयरी प्लांट से पूरे गांव को फ्री में क्यों देती हैं बायो गैस की सप्लाई ,जानें वजह
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Dairy: कुलदीप अपने डेयरी प्लांट से पूरे गांव को फ्री में क्यों देती हैं बायो गैस की सप्लाई ,जानें वजह

सीता नगर के पास 515 एकड़ जमीन में यह बड़ी गौशाला बनाई जा रही है. यहां बीस हजार गायों को रखने की व्यवस्था होगी. निराश्रित गोवंश की समस्या सभी जिलों में है इसको दूर करने के प्रयास किया जा रहे हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. पीएम मोदी कहते हैं कि उज्जवला योजना के तहत फ्री में रसोई गैस देकर महिलाओं को धुंआ से आंखों को खराब होने से बचाया. नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री तो वे ऐसा सरकार के खर्च पर कर सकते हैं लेकिन पंजाब की कुलदीप कौर तो अपने खर्चे से ही करीब 70 गांवों में फ्री में गैस का वितरण कर रही हैं. अगर ये आपको मजाक लग रहा है तो हम इस बारे में आपको बता रहे हैं, जो सो आना सच है. पंजाब के रोपड़ जिले के गांव बहादुरपुर में कुलदीप कौर की डेयरी है. वे अपने फार्म पर बने बायो गैस प्लांट से गैस सप्लाई करती हैं, जिसके लिए वे एक रुपये तक किसी से नहीं लेतीं.

पंजाब के रोपड़ जिले के गांव बहादुरपुर में कुलदीप कौर का गायों का एक बड़ा फार्म हैं, जिसमें करीब 140 गाय हैं. इसी फार्म पर बायो गैस प्लांट बना हुआ है, जिसके लिए एक टेक्नीशियन रखा है. इस प्लांट के रखरखाव और टेक्नीशियन के वेतन के लिए गांव के प्रत्येक घर से 100 रुपये प्रति माह लिया जाता है. इसके लिए पूरे महीने तक उन्हें बायो गैस फ्री में दी जाती है, जिससे उनका चूल्हा जलता है.

गांव वालों को फ्री में गैस सप्लाई
डेयरी फार्म की संचालिका कुलदीप कौर का कहना है कि जब डेयरी शुरू करने का फैसला किया गया तो परिवार के लोगों ने तय कर लिया था कि इस डेयरी का लाभ सबसे पहले गांव के लोगों तक पहुंचाया जाए. इसी मकसद को ध्यान में रखते हुए हमने बायो गैस को गांव के प्रत्येक घर के लिए फ्री कर दी. अब गांव में बाहर से कोई रसोई गैस को खरीदकर नहीं लाता. फ्री में ही इस प्लांट से बायो गैस फ्री में सप्लाई की जाती है. सिर्फ प्लांट के रखरखाव के लिए गांव के प्रत्येक घर से सौ रुपया महीना लिया जाता है, जो लोगों को अखरता तक नहीं. उन्होंने बताया कि गांव के आसपास 70 गांव और भी पड़ते हैं, उन्हें भी डेयरी फार्म पर बने बायो गैस प्लांट से गैस सप्लाई की जाती है.

ऐसे हुई डेयरी की शुरूआत
डेयरी खोलने के पीछे मकसद समाजसेवा का भी भाव था. डेयरी संचालिका कुलदीप कौर के बेटे गगनदीप कहते हैं कि करीब 10 वर्ष पहले हमारे घर में तय हुआ कि अब पशुपालन और डेयरी का काम शुरू दिया जाए. इसके लिए परिवार के प्रत्येक सदस्य ने अपनी जमा पूंजी में रकम निकालकर परिवर के मुखिया को दी. इस रकम से पांच गाय खरीदी गईं. सभी ने मेहनत की तो काम आगे बढ़ने लगा. दूध का प्रोडेक्टशन बढ़ातो हमने अपने फार्म पर एचएफ, जर्सी और साहीवाल गायों का पालन शुरू कर दिया, जिससे हमारे यहां दूध का उत्पादन बढ़ गया.

गोबर से भी होती है प्रतिदिन इनकम
गगनदीप बताते हैं कि हमने फार्म पर ही बायो गैस का प्लांट लगा दिया. प्लांट पर गैस बनने के बाद जो तरल गोबर बचता है उसे किसानों को बेच देते हैं. प्रतिदिन करीब पांच ट्रॉली गोबर निकलता है. 500 रुपये प्रति ट्रॉली के हिसाब से किसान खरीद लेते हैं. इस तरह से प्रति दिन हम 2500 रुपये तो गौबर सेही कमा लेते हैं.

अब तो प्रतिदिन दूध भी बढ़ने लगा
कुलदीप कौर बताती हैं कि जब हमने पांच गायों से फार्म की शुरूआत की थी तो बहुत ज्यादा बचत नहीं होती थी लेकिन समय के साथ फार्म भी बढ़ता चला गया. पहले पांच गाय थी लेकिन अब हमारे फार्म में 140 गाय हैं. इन सभी गायों से प्रति दिन करीब 1000 लीटर दूध उत्पादन होता है. इस दूध को पंजाब की वेरका डेयरी को बेचा जाता है. इससे हमें अच्छी-खासी आय हो रही है.

डेयरी शुरू करने से पहले जरूा लें ट्रेनिंग
डेयरी संचालिका कुलदीप कौर बताती हैं कि किसी भी काम को शुरू करने से पहले उसके बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है. अगर कोई डेयरी भी खोलना चाहता है तो उसे इसकी ट्रेनिंग जरूर ले लेनी चाहिए. ट्रेनिंग से तजुर्बा मिलता है और जब आपके पास अनुभव होगा तो कोई भी काम आपको नुकसान नहीं पहुंचा सकता.

फार्म पर ही उगाएं चारा
गगनदीप बताते हैं कि आज के दौर में पशुओं का चारा बहुत महंगा होता जा रहा है. हरा चारा तो कम ही होता जा रहा है. ऐसे में अगर आप अपने फार्म पर ही चारा तैयार करेंगे तो ये मार्केट से बहुत सस्ता पड़ेगा. हमने अपने फार्म पर ही बड़ी मात्रा में चारा उगाया है. इससे हमें बाजार से कम से कम पांच रुपये प्रति किलो की बचत हो रही है. एक बात और अगर आप डेयरी का काम कर रहे हैं तो अपने पशुओं को अपना खुद का चारा दें न कि बाजार का.

Written by
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