Home डेयरी Goat Milk: जानें क्यों तेजी से बढ़ रही है बकरी के दूध की डिमांड, 6 साल में लाखों टन बढ़ी, यहां पढ़ें रिपोर्ट
डेयरी

Goat Milk: जानें क्यों तेजी से बढ़ रही है बकरी के दूध की डिमांड, 6 साल में लाखों टन बढ़ी, यहां पढ़ें रिपोर्ट

livestock, Milk Production, Goat Milk, Properties in Goat Milk, Goat Milk Nutritious, Nutrients in Goat Milk, Milk Production in India
प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली. ग्रामीण इलाकों में बकरी पालन छोटे पैमाने पर भी किया जाता है. क्योंकि बकरी को गरीबों की गाय भी कहा जाता है. इनके पालने वालों को इससे जिस तरह की जरूरत होती है, उसे पूरा कर लेते हैं. मसलन बकरी का दूध निकालकर इसे बेचते हैं और मुनाफा कमाते हैं और जब ज्यादा पैसों की जरूरत होती है तो बकरी को बेचकर भी मुनाफा कमा लेते हैं. बकरी पालन दिन-ब-दिन बढ़ता ही जा रहा है और यह ज्यादा मुनाफा दे रहा है. इसके चलते लोग बकरी पालन की ट्रेनिंग भी ले रहे हैं ताकि ज्यादा फायदा उठा सकें.

खास तौर पर जब डेंगू जैसे बुखार का प्रकोप फैलता है तो बकरी का दूध किसी औषधि से कम नहीं माना जाता. इस दौरान प्लेटलेट्स कम हो जाती है तो बकरी का दूध सबसे ज्यादा मुफीद होता है. डिमांड ज्यादा और प्रोडक्शन कम होने की वजह से इस दौरान बकरी का दूध 400 से 500 रुपये प्रति किलो तक बिक जाता है. एक्सपर्ट भी कहते हैं कि बकरी का दूध, दूध नहीं बल्कि यह दवा है. यही वजह है कि अब बकरी पालन की ओर तेजी से लोग कर रहे हैं.

तेजी से बढ़ रहा है बकरी के दूध का उत्पादन
गरीबों की गाय कहीं जाने वाली बकरी आजकल खूब चर्चाओं में है. अगर पिछले 6 साल के रिकॉर्ड को देखा जाए तो 18.50 लाख टन बकरी के दूध का प्रोडक्शन ही बढ़ चुका है. क्योंकि बकरी के दूध की डिमांड बहुत ज्यादा हो रही है. इस वजह से लोग बकरी को पालकर उसके दूध को बेच रहे हैं. इस वजह से इन दिदनों बकरी का दूध खासा चर्चा में है. देखते-देखते ही उत्पादन 57 लाख टन से 76 लाख टन तक पहुंच गया है.

ट्रेनिंग लेने वालों की लगी लाइन
बकरी पालन के सरकारी आंकड़ों पर गौर किया जाए तो पशुपालन के लिए लोन वालों में करीब 70 फीसद आंकड़ा बकरी पालकों का है. यानि पशुपालन के अगर 100 लोग लोन ले के लिए अप्लाई कर रहे हैं तो उसमें 70 लोग बकरी पालने के लिए लोन लेते रहे हैं. इतना ही नहीं बकरी पालन की ट्रेनिंग लेने के लिए भी सरकारी संस्थानों में लंबी वेटिंग चल रही है. सैकड़ों की संख्याा में ट्रेनिंग करने के लिए केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थाचन, मथुरा में आवेदन आ रहे हैं. कई बड़ी बीमारियों में लाभदायक होने के चलते बकरी के दूध की डिमांड बढ़ने लगी है.

क्या है बकरी के दूध की खासियत
बकरी के दूध की खासियत और फायदे की बात की जाए तो इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. जो आपके शरीर की सूजन को कम करने में असरदार होते हैं. बकरी के दूध की ये भी खासियत है कि ये आसानी से पच जाता है. बकरी के दूध में पाया जाने वाला प्रोटीन गाय के दूध में मिलने वाले प्रोटीन के मुकाबले बहुत ही जल्दी पच जाने वाला है. इसलिए ये बच्चों को भी दिया जा सकता है. इसके दूध में लैक्टोज की मात्रा भी कम होती है. जबकि डेंगू के बुखार के दौरान प्लेटलेट्स काउंट को तेजी से बढ़ाता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

sabar dairy plant
डेयरी

Dairy News: सितंबर-अक्टूबर तक बिहार में शुरू हो जाएगा एक और मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट

नई दिल्ली. बिहार के गया जी में मगध दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ...

डेयरी

NDDB चेयरमैन ने एम्ब्रियो ट्रांसफर में आने वाली चुनौतियों को गिनाया

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग का बिजनेस करने वाले तमाम डेयरी फार्मर्स बोवाइन...

डेयरी

Milk Production: 10 हजार से ज्यादा पशुपालक और दूध उत्पादकों को एक मंच पर लाया गया

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50...

कंकरेज नस्ल के मवेशी तथा जाफराबादी, नीली रावी, पंढरपुरी और बन्नी नस्ल की भैंसों को शामिल किया गया है. इसमें रोग मुक्त हाई जेनेटिक वाले सांडों को पंजाब सहित देश भर के वीर्य केंद्रों को उपलब्ध कराया जाता है.
डेयरी

Milk: एमपी में बढ़ गया दूध उत्पादन, मिल्क कैपिटल बनने की राह पर है राज्य

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार...