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Dairy: गाय-भैंस को डिलीवरी के तुरंत बाद गुड़, मेथी, अजवाइन, हल्दी और सोंठ से तैयार काढ़ा पिलाएं

दुधारू पशुओं के बयाने के संकेत में सामान्यतया गर्भनाल या जेर का निष्कासन ब्याने के तीन से 8 घंटे बाद हो जाता है.
गाय-भैंस की प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में जब पशु बछड़े या बछड़ी को जन्म देता है तो इसके बाद डेयरी फार्मर्स की दूध से कमाई होने लगती है. एनिमल एक्सपर्ट का कहना है कि ज्यादा दूध उत्पादन लेने के लिए पशुओं का अच्छी तरह से ख्याल रखना भी बेहद ही जरूरी होता है. तभी रिजल्ट अच्छा मिलता है और ज्यादा दूध उत्पादन मिलने से पशुपालकों को डेयरी फार्मिंग के काम में अच्छा मुनाफा कमाने का मौका मिलता है. इसलिए एक्सपर्ट पशु की डिलीवरी के बाद खास किस्म काढ़ा देने की सलाह देते हैं.

असल में पशुओं के खानपान का असर उसी तरह से रखा जाना चाहिए, जिस तरह से हम इंसान खुद का रखते हैं. पशु की हर एक जरूरत को पूरा करना बेहद ही जरूरी है. तभी हमें डेयरी फार्मिंग में मुनाफा मिल सकेगा. एक्सपर्ट के मुताबिक डिलीवरी के बाद पशु को हल्का, सुपाच्य और पौष्टिक आहार देना बहुत महत्वपूर्ण होता है. इससे पशु को जल्दी ऊर्जा मिलती है, शरीर की रिकवरी बेहतर होती है और प्रसव के बाद होने वाली समस्याओं का खतरा कम होता है.

विशेष काढ़ा तैयार करें
पशु को 500 ग्राम गुड़, 100 ग्राम मेथी, 100 ग्राम अजवाइन, 20 ग्राम हल्दी और 20 ग्राम सोंठ के साथ एक विशेष काढ़ा तैयार करके दिया जाना चाहिए.

इसे बनाने के लिए इन सभी सामग्री को पर्याप्त पानी में अच्छी तरह उबालना चाहिए.

जब ये पीने लायक यानि गुनगुना हो जाए तो फिर पशु को पिलाएं. इससे उसे फायदा होगा.

असल में इस काढ़े को देने से पशु के शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलने लग जाती है.

ये काढ़ा पशु की पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है.

प्रसव के बाद गर्भाशय की सफाई में सहायता करता है.

जेर (Placenta) को आसानी से गिराने में मदद करता है.

पशु की रिकवरी को तेज करने में सहायक होता है.

यदि जेर 12 घंटे से अधिक समय तक न गिरे, तो पशु चिकिल्सक से तुरंत संपर्क करें.

निष्कर्ष
यहां बताई गई सारी चीजों का सीधा जुड़ाव पशु के दूध उत्पादन से भी है. पशुपालन ज्यादा दूध उत्पादन के लिए किया जाता है. इसलिए जरूरी है कि पशु ज्यादा दूध का उत्पादन करे और आपको इससे फायदा मिले.

Written by
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