नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में अंडा तथा पोल्ट्री मीट के कुल उत्पादन का लगभग 70 प्रतिशत निजी क्षेत्र के आर्गनाइज्ड सेक्टर के पोल्ट्री सेक्टर से और 30 प्रतिशत बैकयार्ड सेक्टर से आता है. वहीं उत्तर प्रदेश में पोल्ट्री कारोबार को बढ़ावा देने के सरकार कई प्रयास भी कर रही है. पोल्ट्री सेक्टर को मजबूत करने के लिए सरकार ने साल 2024-25 में 3587 रुपए खर्च किया था. ताकि इस सेक्टर से जुड़ने की चाहत रखने वाले लोगों को मदद करके उनको आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसका फायदा भी हुआ है.
सरकार का मनना है कि गरीब किसान पोल्ट्री सेक्टर से जुड़कर अपनी आजीविका को भी बढ़ा सकते हैं. पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि खेती के अलावा किसान पोल्ट्री फार्मिंग करते हैं तो उन्हें उससे ज्यादा फायदा मिलेगा. गौरतलब है कि अंडा उत्पादन में ग्रोथ भी दर्ज की गई है. राज्य में साल 2014 के मुकाबले अंडा उत्पादन बड़ा उछाल आया है.
मंत्री ने क्या कहा
हाल ही में उत्तर प्रदेश के दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा है कि अंडा उत्पादन में यूपी में बढ़ा है.
उन्होंने कहा कि साल 2014 के आंकड़ों पर गौर करें तो उस वक्त प्रदेश में हर दिन 1 करोड़ अंडों का उत्पादन होता था.
उन्होंने आगे कहा कि वहीं ये आंकड़ा बढ़ गया है. अब इस वक्त प्रदेश में हर दिन 5 करोड़ अंडों का उत्पादन हो रहा है.
इससे न सिर्फ पोल्ट्री सेक्टर से जुड़े लोगों को फायदा हो रहा है, बल्कि लोगों को अंडों के जरिए प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स भी मिल रहा है.
वहीं दूसरी ओर सरकार उत्तर प्रदेश कुक्कुट विकास नीति-2022 तहत भी कई का काम कर रही है.
इसमें पोल्ट्री सेक्टर में हैचरी की स्थापना. आहार परीक्षण प्रयोगशाला. पोल्ट्री रोग निदान प्रयोगशाला और बैंकयार्ड पोल्ट्री फार्मिंग को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है.
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश में जिस तरह से अंडों का उत्पादन बढ़ रह है. आने वाले समय में इसकी डिमांड पूरी करने के लिए अन्य राज्यों की ओर नहीं देखना होगा. जबकि इसका दूसरा फायदा ये भी है कि किसानों की इनकम भी बढ़ेगी.












