नई दिल्ली. योगी सरकार ने विधान मंडल के बजट सत्र में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया है. उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के विकास में कृषि व किसान को प्राथमिकता में रखने की बात कही है. कहा गया है कि लागत कम और उत्पादन अधिक पर जोर देकर योगी सरकार न सिर्फ अन्नदाताओं बल्कि पशुपालकों को भी फायदा पहुंचाएगी और उन्हें मजबूत करेगी. योगी सरकार ने कृषि, पशुपालन व मत्स्य पालन में आर्थिक सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश की सफलतम कहानी का जिक्र भी किया है. जिससे ये साफ हो रहा है कि प्रदेश इन क्षेत्रों में भी आगे जा रहा है.
गौरतलब है कि सरकार की मंशा है कि पशुपालन, पोल्ट्री फार्मिंग और मछली पालन जैसे कामों को बढ़ावा देकर किसानों को इन सेक्टर से जोड़ा जाए. ताकि किसानों के पास कृषि के अलावा इनकम कमाने का एक दूसरा जरिया भी हो जाए. जिससे उनकी आमदनी दोगुनी हो जाए. इसलिए न सिर्फ केंद्र सरकार बल्कि उत्तर प्रदेश की सरकार भी इन सेक्टरों में कई काम कर रही है. जिसका फायदा भी मिलता नजर आ रहा है. उत्पादन बढ़ रहा है तो इससे जुड़े लोगों को फायदा पहुंच रहा है.
दूध उत्पादन में नंबर वन है यूपी
बता दें कि उत्तर प्रदेश विशाल पशु संख्या वाला राज्य है. जिसके चलते ये राज्य दूध उत्पादन के मामले में अन्य राज्यों से आगे है.
बुनियादी पशुपालन सांख्यिकी 2025 के अनुसार उत्तर प्रदेश देश के दुग्ध उत्पादन में 15.66 प्रतिशत का अंशदान करता है. दूध उत्पादन में यूपी पहले स्थान पर है.
प्रदेश का दुग्ध उत्पादन वर्ष 2017-18 में 290.52 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 2024-25 के अनुमान के अनुसार 388.15 लाख मीट्रिक टन हो गया.
अंडों का क्या है रिकॉर्ड
अंडा उत्पादन के मामले में भी उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है. ताकि अंडों पर दूसरे राज्यों पर से उसकी निर्भरता कम हो सके.
साल 2017-18 में अंडा उत्पादन के रिकॉर्ड की बात करें तो 244 करोड़ था, लेकिन ये अब बढ़कर 2024-25 में 611 करोड़ (367 करोड़ अधिक) हो गया है.
मछली पालन में भी बढ़े आगे
मछली व जलीय कृषि उत्पादन में भारत दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक देश है. विश्व मछली उत्पादन में भारत का योगदान लगभग 8 प्रतिशत है.
उत्तर प्रदेश की नदियों में मछलियों की लगभग 124 प्रजातियां पाई जाती हैं. जिससे 2025-26 में मछली उत्पादन में 15.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.
2017-18 से वर्ष 2024-25 की अवधि में मत्स्य उत्पादन 6.3 लाख मीट्रिक टन से 111.7 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 13.31 लाख मीट्रिक टन हो गया.












