Home मछली पालन Fish Farming: गर्मियों में तालाब की गहराई रखें 4 से 6 फीट, पानी का तापमान 25 से 30 ​डिग्री सही है
मछली पालन

Fish Farming: गर्मियों में तालाब की गहराई रखें 4 से 6 फीट, पानी का तापमान 25 से 30 ​डिग्री सही है

अगर आप छोटे गड्ढे में मछली पालन का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपको तालाब के आकार को चुनना होगा. एक से 2000 स्क्वायर फीट के तालाब में आप बढ़िया मछली पालन कर सकते हैं.
तालाब में मछली.

नई दिल्ली. ठंड लगभग खत्म होने को है और गर्मी तेजी के साथ आ रही है. ऐसे में मछली पालकों को इस दौरान अलर्ट रहने की जरूरत है. क्योंकि मछलियों के लिए ना तो बहुत ज्यादा ठंड न ही बहुत ज्यादा गर्मी फायदेमंद होती है. ज्यादा ठंड पड़ने की वजह से भी मछलियों की ग्रोथ रुक जाती है और गर्मियों में ज्यादा गर्मी की वजह से भी मछलियों की ग्रोथ पर बुरा असर पड़ता है. जिससे मछली पालन के काम में नुकसान होना तय है. अगर नुकसान से बचना है तो आने वाली गर्मियों से पहले ही अलर्ट रहने की जरूरत है.

एक्सपर्ट का कहना है की मछली पालन के दौरान कम से कम दो बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. एक तो ये है कि तालाब की गहराई कितनी रखी जाए? वहीं दूसरा ये कि पानी का टेंपरेचर सही रहे और मछलियों को दिक्कत ना आए. क्योंकि ज्यादा टेंपरेचर हो जाने से मछलियों को कई दिक्कतें हो सकती हैं.

गहराई इतनी रख सकते हैं
एक्सपर्ट का कहना है कि गर्मियों में तालाब की गहराई 4 से 6 फीट तक रखनी चाहिए. इतनी गहराई पानी के वाष्पीकरण से बचाने में बेहद ही मददगार है.

इसका दूसरा फायदा ये है कि पानी का तापमान ठंडा रहेगा और मछलियां तालाब में सही से ग्रोथ करेंगी.

इससे मछलियों को पर्याप्त ऑक्सीजन भी मिलती है. वहीं गहराई बहुत कम कर देने से तालाब का पानी गर्मियों में जल्दी गर्म हो जाता है और इससे मछलियां बीमार पड़ने लगती हैं.

एक्सपर्ट का कहना है कि तालाब के आसपास गर्मी के दिनों में छायादार पेड़ भी लगाया जा सकते हैं. जिससे पानी ठंडा बना रहता है और मछलियों को दिक्कत नहीं आती है.

तापमान कितना होना चाहिए
कार्प मछलियों के लिए सबसे अनुकूल जल तापमान 25 से 30 ​डिग्री सेल्सियस के बीच होता है. इसमें मछलियां आसानी से रहती हैं.

वहीं तापमान में कमी या इजाफा दोनों ही नुकसानदेय है. इससे पाचन और प्रजनन आदि प्रभावित होता है.

वहीं तापमान बढ़ने से मछली के लिए उपलब्ध आवश्यक पदार्थों जैसे घुलित ऑक्सीजन इत्यादि घटने लगते हैं.

हवा का तापमान प्रतिदिन 10 ​डिग्री सेल्सियस तक बदल सकता है. जबकि जलीय तापमान 50 सेमी. गहराई पर नहीं बदलता है.

निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि मछली पालन सिर्फ तालाब में मछली डाल देने और फीड खिलाने भर से नहीं होता है. इसमें छोटी—छोटी बातों का ध्यान रखा जाता है. तब जाकर मछली पालन के काम में फायदा मिलता है.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

The States and UTs have been advised to implement the clusters based approach for development of fisheries and aquaculture. Based on the request received from the Andaman and Nicobar Administration, development of Tuna fisheries cluster in Andaman & Nicobar Islands has been notified under PMMSY.
मछली पालन

Fish Farming: सर​कार ने कहा ट्रॉलरों से पकड़ी जाने वाली मछलियों की मात्रा में नहीं आई है कोई कमी

नई दिल्ली. सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (CMFRI) को 2021-25 के दौरान...

fish farming in pond
मछली पालनसरकारी स्की‍म

Fisheries: PMMSY के तहत महिला मछली किसानों को इसके खर्च पर 60 फीसद हिस्सा खुद देगी सरकार

नई दिल्ली. महिलाओं के रोजगार और आजीविका संबंधी आवश्यकताओं को प्रधानमंत्री मत्स्य...