नई दिल्ली. भारत की राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के पूसा कैंपस में कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री, शिवराज सिंह चौहान उपस्थिति में ‘कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं पर वैश्विक सम्मेलन’ (GCWAS-2026) का उद्घाटन किया. इस सम्मेलन में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के प्रमुख हितधारक एक साथ आए, ताकि कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया जा सके. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के अध्यक्ष, डॉ. मीनेश सी. शाह ने संचालन समिति के सदस्य के रूप में इस सम्मेलन में भाग लिया.
गौरतलब है कि NDDB, ‘कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं पर वैश्विक सम्मेलन’ (GCWAS-2026) का ‘गोल्ड स्पॉन्सर’ है. सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति ने कृषि और डेयरी, मत्स्य पालन तथा मधुमक्खी पालन जैसे संबद्ध क्षेत्रों में महिलाओं के महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि पूरे देश में महिलाएं लंबे समय से इन क्षेत्रों की रीढ़ रही हैं.
महिलाओं का नेतृत्व बढ़ाने में है ये अहम
उन्होंने कहा कि महिलाएं कृषि-खाद्य प्रणालियों के भविष्य को सक्रिय रूप से आकार दे रही हैं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘महिला किसानों के अंतर्राष्ट्रीय वर्ष’ की घोषणा का भी उल्लेख किया.
इसे लैंगिक असमानता को दूर करने तथा कृषि-खाद्य मूल्य श्रृंखला में महिलाओं के नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया.
भारत की ‘महिला-नेतृत्व वाले विकास’ की परिकल्पना पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि लैंगिक रूप से समावेशी कृषि विकास के लिए नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं का अधिक प्रतिनिधित्व आवश्यक है.
उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि महिला किसानों को शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय प्रबंधन कौशल से लैस करना आवश्यक है.
साथ ही उन्हें AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाने में भी सक्षम बनाना चाहिए.
इस संदर्भ में, उन्होंने अमूल द्वारा ‘सरलाबेन ऐप’ के लॉन्च का उल्लेख किया, और अमूल सहकारी आंदोलन की निरंतर सफलता में महिला किसानों की भूमिका को सराहा.
इस अवसर पर बोलते हुए, माननीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री (कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार), शिवराज सिंह चौहान ने कृषि-खाद्य मूल्य श्रृंखला में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया.
उन्होंने कहा कि भारत के माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, दीनदयाल अंत्योदय योजना, नमो ड्रोन दीदी, पशु सखी और बैंक सखी जैसी कई पहलें महिलाओं को सशक्त बना रही हैं.
उन्होंने कहा कि और FPO (किसान उत्पादक संगठनों) में उनकी सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित कर रही हैं.










