Home पशुपालन Pashu Mela: गडवासु में 20 और 21 मार्च को लगेगा ‘पशुपालन मेला’, किसानों को मिलेगा मुख्यमंत्री पुरस्कार
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Pashu Mela: गडवासु में 20 और 21 मार्च को लगेगा ‘पशुपालन मेला’, किसानों को मिलेगा मुख्यमंत्री पुरस्कार

सज गया है पशु मेला के लिए पंडाल.

नई दिल्ली. गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी, लुधियाना 20 और 21 मार्च 2026 को दो दिन का ‘पशुपालन मेला’ लगाएगी. वेटरनरी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर जतिंदर पाल सिंह गिल ने कहा कि हम मेले के लिए दूसरे राज्यों के किसानों को भी बुला रहे हैं. मेले में जहां पशुपालन और खेती से जुड़े अलग-अलग डिपार्टमेंट हिस्सा लेंगे, वहीं बड़े लेवल पर कंपनियां अपनी दवाइयों, इक्विपमेंट, मशीनरी और जानवरों से जुड़ी सुविधाओं के बारे में स्टॉल लगाएंगी. यूनिवर्सिटी की लीडरशिप में काम करने वाले किसान संगठन भी अपने स्टॉल लगाएंगे.

उन्होंने कहा कि इस बार हम ‘पशुपालन पारंपरिक से ग्लोबल’ टॉपिक पर आधारित मेला लगा रहे हैं. इसके पीछे यूनिवर्सल सोच, जरूरतों और साइंटिफिक नजरिए को अपनाने की योजना है, साथ ही हमारे पारंपरिक और पारंपरिक स्ट्रक्चर के फायदों के बारे में भी बताया जाएगा. उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन अपनाने और बढ़ावा देने वाले चार किसानों को भैंस, मछली, और बकरी पालन के क्षेत्र में ‘मुख्यमंत्री पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जाएगा.

तकनीकी जानकारी भी किसानों को मिलेगी
डॉ. रविंदर सिंह ग्रेवाल, डायरेक्टर पासर एजुकेशन ने बताया कि मेले में यूनिवर्सिटी द्वारा पशु चिकित्सा और पशु विज्ञान, डेयरी, पोल्ट्री, मछली पालन से जुड़ी तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा और टेक्निकल लेक्चर के मंच पर किसानों का जमावड़ा होगा.

सवाल-जवाब का सेशन भी होगा. यूनिवर्सिटी की सबसे अच्छी नस्ल के मवेशी, भैंस, बकरी और पोल्ट्री की प्रदर्शनी लगाई जाएगी.

यूनिवर्सिटी द्वारा प्रकाशित पूरा साहित्य और पत्रिका ‘साइंटिफिक एनिमल हसबेंडरी’ भी उपलब्ध होगी.

मवेशियों की नस्ल सुधार को बढ़ावा देने के अलावा, डेयरी और डेयरी उत्पादों से जुड़ी मशीनरी, दवाइयां, टीके, पशु चारा, पशु आहार से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भी मेले में मौजूद रहेंगे.

मेले में यूनिवर्सिटी द्वारा बनाए गए मेटल चूरे, पशु चाट, बाईपास फैट, भूसे को यूरिया से बदलने के बारे में बताया जाएगा.

किसानों को मेमने की सूजन, दूध की जांच, पशु जहर, अंदरूनी परजीवियों के बारे में जागरूक किया जाएगा.

मेले में जानवरों के खून, गेहूं, यूरिन, स्किन, चारे के सैंपल, दूध और चारे की पॉइजनिंग की फ्री स्क्रीनिंग की जाएगी.

जानवरों के पालन-पोषण में आर्टिफीशियल ज्ञान के बढ़ते महत्व के बारे में एक्सपर्ट भी जानकारी देंगे.

जिसमें स्मार्ट कॉलर, पेडोमीटर, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम, जानवरों की मूवमेंट मॉनिटरिंग स्ट्रक्चर, ऑटोमैटिक फीड मैनेजर, रोबोट कैमरा और इस एरिया में आने वाले कई और मोड, टेक्नोलॉजी को शामिल किया गया है.

खेतों की बायोसेफ्टी और बीमारी फैलाने वाले जीवों की पहचान और उनसे फैलने वाली बीमारियों को रोकने के बारे में जागरूकता दी जाएगी.

इसके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले तरीकों और प्रैक्टिस के बारे में पशुपालकों को बताया जाएगा.

Written by
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