Home डेयरी Dairy News: ऑटोमैटिक मिल्किंग पार्लर और आधुनिक पशु आवास सुविधा की हुई शुरुआत
डेयरी

Dairy News: ऑटोमैटिक मिल्किंग पार्लर और आधुनिक पशु आवास सुविधा की हुई शुरुआत

उद्घाटन करते अधिकारी.

नई दिल्ली. पशुपालन और डेयरी विभाग, FAHD मंत्रालय के सचिव, नरेश पाल गंगवार ने अतिरिक्त सचिव, वर्षा जोशी (DAHD) के साथ मिलकर, सेंट्रल कैटल ब्रीडिंग फार्म, अंदेश नगर का दौरा किया. इस दौरे का उद्देश्य फार्म में बुनियादी ढांचे के विकास और चल रही आधुनिकीकरण की पहलों की प्रगति की समीक्षा करना था. दोनों अफसर प्र​गति से खुश नजर आए और अपने इस दौरे के दौरान, बुनियादी ढांचे से जुड़ी मुख्य गतिविधियों की व्यापक समीक्षा भी की. इसके साथ ही, क्षेत्रीय चारा स्टेशनों को मजबूत बनाने के प्रस्तावों पर प्रस्तुतियां भी दी गईं.

इन प्रस्तावों में फाउंडेशन बीज उत्पादन और साइलेज बनाने, घास उत्पादन, तथा तकनीकी कर्मियों और किसानों के प्रशिक्षण के माध्यम से क्षमता निर्माण जैसी चारा संबंधी अन्य पहलें शामिल थीं. दौरे के एक हिस्से के रूप में, DAHD सचिव ने अत्याधुनिक ‘ऑटोमैटिक मिल्किंग पार्लर’ और ‘आधुनिक पशु आवास सुविधा’ का उद्घाटन किया.

बुनियादी ढांचे को किया जा रहा मजबूत
नरेश पाल गंगवार इसके माध्यम से उन्होंने आधुनिक डेयरी बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया.

एक आटोमे​टिक और टच फ्री (touch-free) दूध दुहने वाली प्रणाली से लैस यह सुविधा, ‘सटीक डेयरी खेती’ (Precision Dairy Farming) की ओर एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है.

उन्होंने कहा कि यह सुविधा स्वच्छता को बढ़ाती है, परिचालन दक्षता में सुधार करती है, और पशु कल्याण पर विशेष ध्यान देते हुए एक तनाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करती है.

अप्रैल 2023 में, इन फार्मों के व्यापक कामों की जिम्मेदारी ‘राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड’ (NDDB) को सौंपी गई थी.

तब से अंदेश नगर (उत्तर प्रदेश), अलमधी (तमिलनाडु) और धामरोद (गुजरात) स्थित सेंट्रल कैटल ब्रीडिंग फार्मों को मजबूत बनाने के लिए रणनीतिक प्रयास किए गए हैं.

ये सभी फार्म मिलकर, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित प्रजनन प्रणालियों के माध्यम से गायों और भैंसों में उन्नत आनुवंशिक सुधार को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि बेहतरीन नस्ल के पशुओं का उत्पादन किया जा सके.

NDDB की ये पहलें इन फार्मों को डेयरी नवाचार के लिए ‘उत्कृष्टता केंद्रों’ (Centres of Excellence) में बदल रही हैं.

‘उच्च आनुवंशिक क्षमता वाले पशुओं’ (High Genetic Merit Animals) को विकसित करने के लिए IVF-ET कार्यक्रमों को सक्रिय किया गया है.

वहीं समर्पित प्रशिक्षण के माध्यम से बड़े पैमाने पर क्षमता निर्माण को बढ़ावा देकर, ये फार्म उस परिवर्तन को गति प्रदान कर रहे हैं, जो भारत के डेयरी क्षेत्र के विकास के अगले अध्याय को नई ऊर्जा देगा.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

डेयरी

Dairy News: चारा FPO से चारे की उपलब्धता, पशुओं की उत्पादकता और किसानों की इनकम सुधरी

नई दिल्ली. केरल में “कृषि वैभव 2026 – एफपीओ मेला” के दौरान...

amul milk snf
डेयरी

Amul: अमूल ने बढ़ाए दूध के दाम, आम जनता पर बढ़ा महंगाई का बोझ

नई दिल्ली. आम आदमी की जेब पर एक बार फिर से महंगाई...

डेयरी

Dairy: तेलंगाना में दूध की खरीद को बढ़ाने में सहयोग करेगा एनडीडीबी, सरकार से हुआ समझौता

नई दिल्ली. राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) ने तेलंगाना राज्य में सहकारी...