नई दिल्ली. अक्सर ऐसा होता है कि सही तरह से दूध का उत्पादन करने वाली भैंस भी दूध का उत्पादन कम कर देती है. खासतौर पर गर्मी में ये मामले ज्यादा सामने आते हैं. अगर कोई भैंस 10 लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन कर रही है तो उसका दूध उत्पादन 2 से 3 लीटर घट जाता है. दूध उत्पादन घट जाने की वजह से पशुपालक भाई को नुकसान होता है. क्योंकि उनकी कमाई का मुख्य जरिया दूध ही होता है. अगर एक दिन में 3 लीटर दूध घट गया तो हर दिन 210 रुपए का नुकसान पशुपालक भाई को होना तय है. क्योंकि अच्छी क्वालिटी के दूध की कीमत 70 रुपए लीटर तक पहुंच चुकी है.
इसलिए बेहद जरूरी है कि उन चीजों की पहचान की जाए, जिसकी वजह से दूध का उत्पादन घट जाता है. क्योंकि गर्मी में कई ऐसी वजह होती है, जिसके चलते दूध का उत्पादन घटना स्वाभाविक है. ऐसे में उन तरीकों की जांच कर दूध के उत्पादन को कम होने से रोका जा सकता है और डेयरी फार्मिंग के बिजनेस में नुकसान होने से खुद को बचाया जा सकता है.
यहां पढ़ें सभी कारण
आपको बता दें कि दूध उत्पादन कम होने का मुख्य कारण आहार में बदलाव भी होता है. अगर आप अचानक से पशु के फीड में बदलाव करते हैं तो इससे दूध उत्पादन कम हो सकता है.
अक्सर ऐसा होता है कि पशुपालक भाई अचानक से चारा बदल देते हैं. जिसके नतीजे में एक-दो दिन के बाद दूध का उत्पादन कम होने लगता है.
गर्मी में भैंस को पानी की कमी हो जाती है. अगर आप उन्हें कम पानी पिलाते हैं तो इसका सीधा असर दूध के उत्पादन पर पड़ता है. क्योंकि दूध में 80 फीसद तक पानी ही होता है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि गर्मी के दिनों में भैंस को 3 से 4 बार जरूर पानी पिलाना चाहिए और पानी साफ व ठंडा होना चाहिए.
भैंस का दूध उत्पादन वातावरण में बदलाव से भी हो जाता है. जब ज्यादा गर्मी पड़ती है तो दूध का उत्पादन कम हो जाता है.
ऐसे में करना ये चाहिए कि भैंस को दिन में दो बार नहलाना चाहिए. ताकि उन्हें गर्मी कम लगे और दूध का उत्पादन बना रहे.
वहीं कई बार बीमारियों के कारण भी दूध का उत्पादन कम होता है. जब पशु को बुखार हो जाता है थन में.9 सूजन हो जाती है तो इससे दूध उत्पादन कर सकता है.
वहीं दूध समय पर न दुहने की वजह से भी कम हो जाता है. इसलिए समय पर और सही तरीके से दूध के दुहना ही चाहिए.









