Home पशुपालन Sheep Farming Benefits: बकरी की तुलना में भेड़ जल्दी होती है तैयार, कम संसाधन में पल जाती है
पशुपालन

Sheep Farming Benefits: बकरी की तुलना में भेड़ जल्दी होती है तैयार, कम संसाधन में पल जाती है

कार्यक्रम का उद्घाटन करते मेहमान.

नई दिल्ली. पशुपालन के काम में बकरी पालन को अच्छा माना जाता है लेकिन आपको ये जानकार हैरानी नहीं होना चाहिए कि बकरी की तुलना में भेड़ पालन ज्यादा फायदेमंद है. हम इस बात को खुद नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक्सपर्ट का भी यही मानना है कि भेड़ पालन बकरी पालन की तुलना ज्यादा मुनाफा देने वाला है. क्योंकि बकरी की तुलना में भेड़ जल्दी और ज्यादा वजन के साथ तैयार हो जाती है. जबकि इसको तैयार करने में कम संसाधन की भी जरूरत पड़ती है. इसलिए पशुपालकों के लिए भेड़ पालन फायदेमंद काम साबित हो सकता है.

असल में केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संस्थान अविकानगर के मरूक्षेत्रीय केंद्र बीकानेर में 4 अप्रैल को 53वां स्थापना दिवस किसान वैज्ञानिक संगोष्ठी के साथ मनाया गया. जहां एक्सपर्ट ने भेड़ पालन के फायदे पर रोशनी डाली. जिसमें राष्ट्रीय ऊंट अनुसन्धान संस्थान बीकानेर के डायरेक्टर डॉ. अनिल कुमार पुनिया, डॉ. अरुण कुमार तोमर निदेशक अविकानगर संस्थान, सीएओ इंद्रभूषण कुमार एवं प्रभारी केंद्र मौजूद रहे. निर्मला सैनी द्वारा केंद्र द्वारा किसान के लिए की जा रही गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया.

क्यों ज्यादा फायदेमंद है भेड़ पालन
डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि बकरी पालन को किसानों के एटीएम के तौर पर हम समझा पाए हैं लेकिन अब उनको भेड़ पालन के बारे में बताना जरूरी हे.

क्योंकि बकरी पालन की तुलना मे भेड़ पालन मे भेड़ो की चराई करना आसान है वहीं बकरी की तुलना मे भेड़ वजन मे जल्दी तैयार होती है.

भेड़ पालन में भेड़ को बकरी क़ी उपेक्षा कम संसाधन मे भी पालकर बढ़िया वजन लिया जा सकता है.

भेड़ का मेमना तीन महीने में जितना वजन लेता है तो वहीं बकरी का बच्चा पांच से छ महीने उतना वजन हासिल करने में लेता है.

वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने संस्थान के किसान हितैषी कार्य की प्रशंसा भी हुई. एक साथ किसान के दोनों पशुओ भेड़ एवं ऊट पर कार्य किया जा सके.

इस दौरान 80 से अधिक किसान लुकरणसर, कोटडी, गोलरी व गाढ़वाला से अनुसूचित जाति उपयोजना मे सम्मिलित हुए.

इन लोगों ने अपने विचार और समस्या पर विस्तार से संवाद किया. वैज्ञानिको की ओर किसानों जरूरी टिप्स दी गई.

स्थापना दिवस के अवसर पर उर्मूल सीमांत समिति बज्जू एवं अविकानगर संस्थान के केंद्र के बीच ऊन की गुणवत्ता एवं उत्पाद विषय पर एमओयू किया.

केंद्र के दो पब्लिकेशन “कृषक सफलता की कहानी” एवं “प्रसार पत्र” के फोल्डर का भी विमोचन भी कार्यक्रम दौरान हुआ.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Related Articles

पशुपालन

Animal News: पशु पॉलीथीन खा ले तो भूख न लगना और पेट दर्द जैसी समस्या होती है, जान भी जा सकती है

नई दिल्ली. अक्सर आपने बेसहारा पशुओं को सड़क किनारे पॉलीथीन में घरों...

livestock animal news
पशुपालन

Animal News: बछिया को तैयार करने के लिए सही तरह से करें देखभाल

नई दिल्ली. अगर आप पशुपालन कर रहे हैं और गाय या भैंस...

goat farming
पशुपालनमीट

Goat Farming: बकरियों को एक ही चारागाह में ज्यादा समय तक न चराएं

नई दिल्ली. पशुपालन करने की सोच रहे हैं और बजट भी ज्यादा...

पशुपालन

Animal Fodder: चारा चारा स्टोर करने में अपनाएं सही तरीका, सालभर नहीं होगी कमी

नई दिल्ली. पशुपालन के काम में चारे का सही भंडारण यानी स्टोरेज...