नई दिल्ली. पशुपालक भाई इस बात को बखूबी जानते हैं कि पशुपालन (Animal Husbandry) में पशुओं को खिलाया जाने वाला चारा बेहद ही अहम होता है. क्योंकि इसी से पशुओं की सेहत अच्छी रहती है और वो बेहतर उत्पादन भी करते हैं. सही चारा पशुओं (Dairy Animal) को बीमारियों से लड़ने में भी मदद करता है. क्योंकि जब पशु सही चारा खाएगा तो फिर उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अच्छी रहती है. इसलिए बीमारी उसके आसपास भी नहीं आती है. जिसका फायदा पशुपालन के काम में पशुपालक को मिलता है. इसलिए चारे का सही मिश्रण बहुत जरूरी है.
एक्सपर्ट कहते हैं कि बहुत से पशुपालक भाई पशुओं को महंगा चारा खिलाते हैं लेकिन फिर भी फायदा नहीं होता है. उनका कहना है कि पशुओं को महंगा चारा खिलाने के फायदा नहीं है, बल्कि चारा चाहे सस्ता भी हो लेकिन असरदार होना चाहिए. तभी फायदा मिलेगा.
क्या-क्या खिलाएं, जानें यहां
पशु को चारे में नेपियर घास जरूर खिलाना चाहिए. क्योंकि इसमें कम लागत आती है और ज्यादा उत्पादन मिलता है.
नेपियर घास की 4-5 बार कटिंग चारे के लिए साल में ली जा सकती है. दूध बढ़ाने में मददगार भी है.
हरे चारे की कमी होने पर साइलेज भी खिलाना चाहिए. साइलेज पचने में आसान होता है. इसको खिलाने से दूध व वजन दोनों ही बढ़ता है.
ज्वार-बाजरा का हरा चारा भी पशु को खिलाएं. गर्मी में सबसे अच्छा माना जाता है. क्योंकि इसमें प्रोटीन ठीक ठाक होता है और लागत कम आती है.
पशु से बेहतर उत्पादन लेने के लिए सूखा भूसा और थोड़ा दाना जरूर खिलाना चाहिए.
एक्सपर्ट कहते हैं कि ये सबसे सस्ता विकल्प होता है. इसको देने से पशु का पेट भरा रहता है. हालांकि ध्यान रखें कि दाना ज्यादा न दें.
सरता चारा खिलाने के सही तरीके की बात की जाए तो हरा और सूखा चारा मिलाकर पशु को खिलाना चाहिए.
कभी भी अचानक चारा न बदलें. इससे पशु को दिक्कत हो सकती है. पशु को हमेशा साफ पानी पीने के लिए देना चाहिए.
निष्कर्ष
एक्सपर्ट का कहना है कि महंगा दाना नहीं, सही चारा ही पशु को ताकत देता है. यदि आप पशु को सही चारा खिलाते हैं तो इससे पशु का उत्पादन बेहतर होगा और जब उत्पादन अच्छा होगा तो पशुपालन में इसका फायदा भी मिलेगा. आप कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने में सफल हो पाएंगे. इसलिए यहां बताई गई जानकारी एक पशुपालक के तौर पर बेहद ही अहम है.










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