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Animal Husbandry: गर्मी से पशुओं को बचाना है बेहद आसान, बस कुछ उपाय करें

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प्रतीकात्मक फोटो. livestock animal news

नई दिल्ली. गर्मी का महीना शुरू हो चुका है. दोपहर के वक्त पर 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या कई जगहों पर उससे ज्यादा का तापमान हो जा रहा है. ऐसे में एक पशुपालक के तौर पर कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं. क्योंकि गर्मी न सिर्फ इंसानों के लिए बल्कि जानवरों के लिए भी बेहद नुकसान दे साबित होती है. जनवरी में जहां इंसानों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ठीक उसी तरह से जानवरों को भी परेशानी होती है. खासकर डेयरी पशुओं को गर्मी बहुत ज्यादा परेशान करती है. इससे उनका उत्पादन और सेहत भी खराब हो सकती है.

एक्सपर्ट कहते हैं कि गर्मी में अक्सर पशु में समस्या बहुत ज्यादा दिखाई देती है. क्योंकि गर्मी ज्यादा होने की वजह से पशु को पसीना ज्यादा होता है और इससे वो हांफने लग जाते हैं. अगर पानी की कमी हो जाए तो ज्यादा दिक्कत बढ़ा सकती है. इतना ही नहीं पशु की नाक भी सूख जाती है. एक्सपर्ट का कहना है कि ये दोनों समस्याएं तब ज्यादा होती हैं. जब पशु हीट स्ट्रेस का शिकार हो जाता है. ऐसे में हीट स्ट्रेस से बचाव करना बेहद जरूरी है. इस रिपोर्ट में हम आपको पशु को हीट स्ट्रेस से बचाने के तीन उपाय बताएंगे.

क्या उपाय करें
अगर आप पशुओं को हीट स्ट्रेस से बचना चाहते हैं तो शेड प्रबंधन के तौर पर पशुओं के बाड़े की छत पर पुआल या घास को बिछा देंं.

वहीं शेड के चारों ओर टाट की बोरियां लगा दें और दिन में गर्म हवा बाहर से बाड़े के अंदर ना पाए, इसके लिए बोरों को पानी से अच्छी तरह से भिगो दें.

अगर डेयरी फार्म में पंखा और कूलर है तो ये बहुत अच्छा है. दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक कड़ी धूप में पशु को बांधने से बचें.

पशु को दिन में दो बार सुबह और शाम को ठंडे पानी से नहलाना चाहिए. दोपहर में पानी के छिड़काव से बचना चाहिए.

क्योंकि पानी के छिड़कने से उमस बढ़ सकती है और इससे भी परेशानी पशु को हो सकती है.

पशु के सामने ताजा ठंडा पानी हर वक्त उपलब्ध रहना चाहिए. ताकि अपनी जरूरत के मुताबिक वो पानी पी सके. पानी में थोड़ा सा मीठा सोडा और नमक भी डालना ना भूलें.

अगर पशु ज्यादा हांफने लगे और मुंह से झाग आ रही हो या फिर सुस्त हो जा रहा है तो मान लें की पशु को लू लग गई है.

ऐसी कंडीशन में तुरंत ठंडी जगह पर पशु को ले जाना चाहिए. माथे पर ठंडी पट्टी रखना चाहिए और बिना देरी के पशु चिकित्सा को बुलाना चाहिए.

निष्कर्ष
डेयरी, मत्स्य और पशु संसाधन विभाग बिहार सरकार की ओर से ये जानकारी साझा की गई है. अगर आप इतने काम भी कर ले जाते हैं तो डेयरी फार्मिंग में खुद को नुकसान से बचा पाएंगे.

Written by
Livestock Animal News Team

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