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Cow: वेचुर गाय कम चारा खाती है, गर्मी में भी उत्पादन नहीं होता है कम

वेचुर गाय

नई दिल्ली. जहां एक ओर पशुपालन को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है तो वहीं दूसरी ओर पशुपालन में कई तरह की समस्याओं का सामना भी पशुपालकों को करना पड़ रहा है. असल में बढ़ती गर्मी, चारे की आसमान छूती कीमतें और पानी का गहराता संकट ये वो समस्याएं हैं, जिससे पशुपालन में बहुत नुकसान हो रहा है. एक्सपर्ट का कहना है कि इन सबने पशुपालकों की कमर तोड़ दी है. भारी-भरकम और ज्यादा दूध देने वाली जर्सी या हाइब्रिड गायें अब भीषण गर्मी में बीमार होकर दम तोड़ने लगी हैं. इससे एक झटके में लाखों का नुकसान हो रहा है.

इस संकट के बीच केरल के पालक्कड़ जिले के किसान अब बौनी नस्ल की गाय वेचुर का पालन कर रहे हैं. इसे कम पानी चारे की जरूरत होती है. गोपालक एम. ब्रह्मदत्तन अब केवल वेचुर गाय पालते हैं. यह दुनिया की सबसे छोटी (बौनी) गाय है.

दूध की कीमत भी है ज्यादा
वो बताते हैं, कद छोटा है, तो क्या हुआ? यह झुलसाने वाली गर्मी को भी आसानी से बर्दाश्त कर लेती है. इसके दूध की कीमत भी ज्यादा है.

गौरतलब है कि वेचुर को दुनिया की सबसे छोटी प्रजाति की गाय माना जाता है. 1980 के दशक में केरल सरकार की दुधारू नस्ल को बढ़ावा देने की नीति से वेचुर नस्ल लगभग खत्म होने लगी थी.

1989 में वरिष्ठ पशु संरक्षण विशेषज्ञ सोसामा आइप और केरल वेटरनरी यूनिवर्सिटी के उनके छात्रों ने इसे बचाने की पहल की.

उनकी टीम ने देशी नस्ल की 29 वेचुर गायों की पहचान की. केरल पशुपालन विभाग के मुताबिक 37 साल बाद राज्य में वेचुर गायों की संख्या बढ़कर करीब 6000 हो गई है.

केरल वेटरनरी यूनिवर्सिटी के पशु प्रजनन और जेनेटिक्स विशेषज्ञ ईएम मुहम्मद के अनुसार, देशी नस्लें जलवायु बदलाव के असर को झेल लेती हैं.

वेचुर गायें ज्यादा गर्म क्षेत्रों में भी रह सकती हैं. पलक्कड़ के पशुपालक पी. केशवन वडाकरा और वेचूर दोनों पालते हैं.

वे बताते हैं, उनकी वडाकरा गाय औसतन 3 लीटर दूध रोज देती है. वेचुर करीब ढाई लीटर देती है.

वडाकरा का दूध 65 रुपए लीटर बिकता है, जबकि उच्च पोषक होने से वेचुर का दूध 200 रुपए लीटर तक बिकता है.

वेचुर के लिए महीने में 1000 रुपए का चारा काफी है. दूसरी नस्लों पर कम से कम 2000 रु. खर्च होते हैं. लेकिन वेचुर की कीमत ज्यादा है.

एक साल के वेचुर बछड़े की कीमत करीब 75,000 रुपए है. यह गरीब पशुपालकों के लिए महंगा है.

Written by
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