Home डेयरी Milk: एमपी में बढ़ गया दूध उत्पादन, मिल्क कैपिटल बनने की राह पर है राज्य
डेयरी

Milk: एमपी में बढ़ गया दूध उत्पादन, मिल्क कैपिटल बनने की राह पर है राज्य

कंकरेज नस्ल के मवेशी तथा जाफराबादी, नीली रावी, पंढरपुरी और बन्नी नस्ल की भैंसों को शामिल किया गया है. इसमें रोग मुक्त हाई जेनेटिक वाले सांडों को पंजाब सहित देश भर के वीर्य केंद्रों को उपलब्ध कराया जाता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर.

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार राज्य को मिल्क कैपिटल बनना चाहती है. मिल्क कैपिटल का मतलब ये है कि जहां दूध उत्पादन ज्यादा से ज्यादा हो. डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट हो और नए इनोवेशन के जरिए डेयरी फार्मिंग से जुड़े पशुपालकों को खूब फायदा पहुंचाया जाए. गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की सरकार भी यह चाहती है कि राज्य को दूध उत्पादन के मामले में नंबर वन बना दिया जाए. ताकि खूब ज्यादा कमाई किसानों की हो और उनकी इनकम बढ़ जाए. ऐसा होता है तो इससे प्रभावित होकर अन्य किसान भी इस काम में आगे आएंगे.

सरकार की ओर से लगातार कई ऐसे काम किया जा रहे हैं, जिससे राज्य में दूध उत्पादन दिन-ब-दिन बढ़ रहा है. इसका सीधा फायदा डेयरी फार्मिंग से जुड़े पशुपालकों को मिल रहा है. ताजे आंकड़े कहते हैं कि राज्य में पिछले साल के मुकाबले इस साल भी दूध उत्पादन में बढ़ोतरी हुई है.

तकरीबन 6 फीसद बढ़ गया दूध उत्पादन
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में अभी तक देश के कुल दूध उत्पादन का 9 फीसद दूध उत्पादन हो रहा है. सरकार इसे बढ़ाकर 20 फीसद करना चाहती है.

देश में कुल दूध उत्पादन 247.57 मिलियन मीट्रिक टन हुआ है. जिसमें मध्य प्रदेश का योगदान 22.6 मिलियन मीट्रिक टन है.

सरकार की ओर से बताया गया कि इस साल 5.95 फीसदी की एक बेहतरीन वृद्धि दूध उत्पादन में राज्य ने हासिल की है.

साल 2022-23 के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो मध्य प्रदेश में 20.12 मिलियन मीट्रिक टन दूध का उत्पादन किया गया था.

हाल ही में सरकार की ओर से कई ऐसी योजनाएं शुरू की गई हैं. जिसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना भी है.

जिसकी मदद से पशुपालकों को आर्थिक मदद दी गई है और इससे भी दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद मिली है.

बता दें कि इस योजना के जरिए तो किसानों को डेयरी फार्मिंग का काम शुरू करने के लिए 42 लाख रुपए तक की आर्थिक मदद की जा रही है.

इसके अलावा भी लगातार सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं. जिसकी मदद से पशुपालकों को फायदा हो रहा है.

अभी कुछ दिन पहले ही गोरस मोबाइल ऐप की सुविधा भी शुरू की गई है. जिससे पशुपालन में किसानों को सहूलत मिलेगी.

बता दें कि ये एप गाय, भैंस के लिए संतुलित आहार के बारे में सुझाव देगा. आप इससे चारे का संयोजन चुन सकते हैं, कम से कम लागत में अधिकतम दूध उत्पादन ले सकते हैं.

वहीं एप में 28 से अधिक स्थानीय चारों की विस्तृत जानकारी दी गई है. साथ ही मौसम और गर्भावस्था के अनुसार भी आहार का सुझाव यह एप देता है.

निष्कर्ष
सरकार ये सारे काम किसानों की इनकम को बढ़ाने के लिए कर रही है. जहां एक ओर उनकी इनकम बढ़ेगी तो वहीं दूसरी ओर राज्य में दूध उत्पादन भी बढ़ेगा.

Written by
Livestock Animal News Team

Livestock Animal News is India’s premier livestock awareness portal dedicated to reliable and timely information.Every news article is thoroughly verified and curated by highly experienced authors and industry experts.

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

डेयरी

DDGS है डेयरी पशुओं की उत्पादकता बढ़ाने के लिए बेहतरीन विकल्प

नई दिल्ली. डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स विद सॉल्युबल्स (DDGS) इथेनॉल उत्पादन यानि मक्का...

livestock animal news
डेयरी

Dairy: एमपी में बनेंगे आदर्श पशु ग्राम, सधरेगी पशु नस्ल, बढ़ेगा दूध उत्पादन

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम की तरह प्रदेश में आदर्श पशु ग्राम...

डेयरी

Dairy: एमपी में इंटरनेट के बिना चलने वाला गोरस मोबाइल ऐप शुरू, दूध उत्पादन बढ़ाने में करेगा मदद

नई दिल्ली. मध्य प्रदेश की सरकार राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने...