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Poultry Farming: गर्मी में मुर्गियां सीआरडी की हो जाती हैं शिकार, बचाव न करने पर होता है बड़ा नुकसान

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पोल्ट्री फार्म का प्रतीकात्मक फोटो. livestock animal news

नई दिल्ली. गर्मी के महीनों में मुर्गियों को बीमारियां बहुत परेशनी करती हैं. मुर्गियों को बीमारी की वजह से कई दिक्कतें होती हैं. ये दिक्कतें पोल्ट्री फॉर्मर्स को भी परेशान करती हैं और उनको नुकसान पहुंचाती हैं. असल में बीमारियों की वजह से उत्पादन पर असर पड़ता है. जिसके चलते पोल्ट्री फार्मिंग के काम में पोल्ट्री फार्मर्स को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ जाता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि ऐसे में गर्मी में होने वाली बीमारियों से बचाव का उपाय करना चाहिए. गर्मी में मुर्गियों को सीआरडी बीमारी होती है. जिससे बहुत नुकसान होता है.

एक्सपर्ट के मुताबिक अप्रैल के महीने में दिन के समय में जहां ज्यादा गर्मी पड़ती है तो वहीं रात के समय में मौसम ठंडा हो जाता है. इसकी वजह से मुर्गियों में सीआरडी की बीमारी बहुत ज्यादा होती है. इस बीमारी में मुर्गियों की नाक से पानी निकलने लगता है. उन्हें सांस लेने में दिक्कतें आने लगती है. जबकि इस बीमारी में मुर्गी मुंह खोलकर सांस अंदर बाहर करती है. इतना ही नहीं मुर्गियों की आंख में सूजन भी आ जाती है.

हो जाता है बड़ा नुकसान
एक पोल्ट्री फार्मर के तौर पर आपको अंदाजा हो ही गया होगा कि इस तरह की परेशानी अगर मुर्गियों को होती है. वहीं इससे मुर्गी पालन के काम में बड़ा नुकसान हो सकता है.

एक्सपर्ट के मुताबिक सीआरडी बीमारी मुर्गी पालन के काम को बड़े नुकसान में तब्दील कर सकती है. इसलिए इस बीमारी से बचाव करना बेहद जरूरी है.

आपको बता दें कि बहुत से लोग मुर्गी के फॉर्म को अच्छे से साफ नहीं करते हैं. इससे अमोनिया गैस उत्पन्न हो जाती है. जिसकी वजह से भी यह बीमारी मुर्गियों में फैलती है.

इसलिए पोल्ट्री फार्म को हमेशा साफ रखना चाहिए और फॉर्म के अंदर हवा अंदर बाहर आज जा सके इसकी भी व्यवस्था करनी चाहिए.

इस बात का भी ध्यान रखें कि मुर्गियों को पानी बिल्कुल साफ और फ्रेश उपलब्ध कराएं.

अगर इस बीमारी के लक्षण मुर्गियों में दिखाई दें तो तुरंत ही पशु चिकित्सा की सलाह लेनी चाहिए और उसकी सलाह के अनुसार इलाज करना चाहिए.

फार्म के अंदर जिन मुर्गियों पर सीआरडी बीमारी अटैक करती है. डॉक्टर की सलाह पर दवा लेें और मुर्गियों को देना शुरू कर दें.

मुर्गियों में सीआरडी के लिए टायलोसिन, डॉक्सीसाइक्लिन, या एनरोफ्लोक्सासिन एंटीबायोटिक सबसे प्रभावी दवाएं हैं. इन्हें पानी में मिलाकर 3-5 दिनों तक लगातार सुबह-शाम देना चाहिए.

निष्कर्ष
मुर्गी पालन में फायदा कमाने के लिए और नुकसान से बचने के लिए मुर्गियों को बीमारियों से बचाना चाहिए. तभी आप इस काम में सफल हो पाएंगे.

Written by
Livestock Animal News Team

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