नई दिल्ली. कुर्बानी का त्योहार बकरीद का वक्त अब नजदीक है. इसी महीने 26 या फिर 27 मई को बकरीद का त्योहार मनाया जाएगा. ये चांद पर निर्भर करेगा कि बकरीद 26 को होगी या फिर 27 को. हालांकि बकरीद में अभी कुछ समय है लेकिन इसकी तैयारियां जोरों पर है. बकरीद के लिए मंडियां सजने लगी हैं. लोग अब कुर्बानी के जानवर लेने की बात करने लगे हैं. देशभर में बकरियों की 37 नस्लें हैं लेकिन ब्लैक बंगाल, बीटल और बरबरी को मीट-दूध दोनों के लिए पालन किया जाता है. वहीं जमनापरी और जखराना आदि नस्ल को खासकर मीट के लिए पाला जाता है.
बकरीद भीषण गर्मी में है. ऐसे में मंडियों में बकरियों का खास ख्याल रखना भी जरूरी है नहीं तो जानवरों की जान को भी खतरा हो सकता है. क्योंकि जिस तरह की व्यवस्था शेड में होती है, वैसी व्यवस्था मंडियों में करना मुश्किल होता है. ऐसे में व्यपारियों को उनका सही ढंग से ख्याल रखना चाहिए.
गर्मी में इन बातों का रखें खास ध्यान
एक्सपर्ट के मुताबिक गर्मीी में दिन में तीन से चार बार बकरे को साफ और ठंडा पानी पिलाना चाहिए.
जब तापमान ज्यादा बढ़ जाए और बकरा हांफ रहा हो तो तुरंत ही उसे इलेक्ट्राल पाउडर पिलाएं. उसे इससे राहत मिलेगी.
वहीं एक इलेक्ट्राल पाउडर के पाउच को एक लीटर फ्रेश पानी में घोल लें और दिन में दो बार आधा-आधा लीटर दे दें.
ऐसा करने से एक लीटर सोडियम उसके शरीर में चला जाएगा और गर्मी से बकरे की हिफाजत होती रहेगी.
सुबह दस से शाम पांच बजे तक बकरों को धूप में न बैठाएं न ही चारागाह में छोड़ें. मंडियों में छाया में उन्हें बांधें.
बकरे हैल्दी रहते हैं तो बकरीद पर पैसा भी अच्छा मिलता है. इसलिए जरूरी है कि उन्हें समय-समय पर खाना देते रहें.
गर्मियों में बकरों के खाने में हरे चारे की मात्रा को बढ़ा दें. फीड में चना, चना की चूनी, गेहूं, चोकर, जौ, और मिनरल दें.
बकरे के सामने काला नमक और लाहौरी नमक जरूर रखें, जिससे उसे चाटकर अपना हाजमा ठीक कर सके.
ओवर लिमिट कुछ भी न दें, अगर ओवर फीड करेंगे तो बकरा बीमार हो जाएगा. इससे परेशानी बढ़ जाएगी.
कोशिश करें कि बकरे को हरा चारा जरूर खिलाएं, अगर नहीं हैं तो सूखे चारे में कुछ सप्लीमेंट्स मिलाकर खिलाएं.
निष्कर्ष
यदि इन उपायों को आजमाते हैं तो बकरों को गर्मियों से बचाया जा सकता है. इससे बकरी पालन के काम में आपको फायदा होगा.












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